नारनौल, महेंद्रगढ़ जिले से 18 सितंबर को प्रदेश के 20 संरक्षित स्मारकों के संरक्षण और संवर्धन की शुरुआत होगी। सेवा पखवाड़ा के तहत चोर गुंबद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क में आयोजित कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। यह परियोजना पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग और पर्यटन विभाग के सहयोग से संचालित होगी। कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संजोना और आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करना है।
कुल लागत और जिलेवार विवरण
पर्यटन विभाग के अनुसार, इन 20 राज्य संरक्षित स्मारकों के संरक्षण और संवर्धन पर कुल 95 करोड़ 17 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें महेंद्रगढ़ जिले के 9 स्मारक शामिल हैं। उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि सेवा पखवाड़ा अभियान के तहत स्मारकों और टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स में कई कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य न केवल स्मारकों का जीर्णोद्धार करना है, बल्कि पर्यटन और स्थानीय लोगों को ऐतिहासिक धरोहर के प्रति जागरूक करना भी है।
जिला महेंद्रगढ़ और अन्य स्मारकों पर खर्च
जिला महेंद्रगढ़ के नारनौल में ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण पर 47 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कैथल के भाई की बावली के जीर्णोद्धार पर 4 करोड़ 46 लाख 46 हजार, जींद के किला जफरगढ़ के जीर्णोद्धार पर 5 करोड़ 52 लाख 72 हजार और सफीदों किले पर 6 करोड़ 78 लाख 35 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। भिवानी के तोशाम किला पर 5 करोड़ 43 लाख 6 हजार, गुरुग्राम के सोहना में लाल गुंबद पर 6 करोड़ 77 लाख 66 हजार, बादशाहपुर बावली पर 4 करोड़ 25 लाख 58 हजार और फरीदाबाद की रानी की छतरी पर 1 करोड़ 32 लाख 53 हजार खर्च होंगे।
अन्य जिलों के स्मारकों पर निवेश
नूंह के डेहरा मंदिर के जीर्णोद्धार पर 5 करोड़ 32 लाख 30 हजार, तावड़ू के गुंबद परिसर पर 1 करोड़ 50 लाख, फरुखनगर के शीशमहल पर 4 करोड़ 54 लाख 30 हजार और पलवल के मानपुर स्थित ऐतिहासिक केसुरिया खेड़ा के जीर्णोद्धार पर 2 करोड़ 16 लाख 81 हजार रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इस परियोजना का उद्देश्य राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करना, पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय रोजगार सृजन में योगदान देना है। सभी स्मारकों का नवीनीकरण उच्च मानक के तहत किया जाएगा।





