धार में मिला एक और कोरोना पॉजिटिव, संक्रमित लोगों की संख्या पहुंची 4

धार में मिला एक और कोरोना पॉजिटिव, संक्रमित लोगों की संख्या पहुंची 4

धार।राजेश डाबी।

जिले में कोरोना वायरस पाॅजीटिव मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। आज इंदौर से जारी हुई बुलेटिन में धार शहर की एक महिला की रिपोर्ट पाॅजीटिव आई है। महिला के पति में पहले ही कोरोना वायरस की पुष्टि हो गई है जिसका इंदौर में उपचार किया जा रहा था। साथ ही महिला के परिवार को भोज हाॅस्पिटल में एडमिट कर उनकी सैंपल भी इंदौर लैब भेजे गए थे। जिसकी आज रिपोर्ट आई है।

इसके साथ ही शहर में अब महिला सहित 4 कोरोना पाॅजिटिव मरीज हो चुके है। इससे पहले भी बख्तावर मार्ग, जानकी नगर व पाड्ल्या समीप गांव से मरीज पाॅजीटिव आए है। प्रशासन ने बख्तावर मार्ग, जानकी नगर व पाड्ल्या के खादनखुर्द को सील कर दिया था। डॉक्टर एस के सरल ने बताया कि चौथे मरीज की रिपोर्ट भी पॉजीटिव प्राप्त हुई है। ज्ञात हो की धार में सबसे पहला मरीज कोरोनावायरस निकला था उसके बाद से ही शहर भर में दहशत का माहौल था वहीं अब उसी मरीज की पत्नी को भी कोरोनावायरस पाया गया है साथ ही उनकी बेटे की रिपोर्ट अभी प्राप्त होने बाकी है। इसके साथ ही शहर से लिए गए पिछले कोरोनावायरस पॉजिटिव के संपर्क में आए लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव प्राप्त हुई है। जिससे लोगों ने राहत की सांस जरूर ली है किंतु आज पहले कोरोना संक्रमित की पत्नी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद धार शहर के लोग फिर से सहम गए है तथा और ज्यादा सतर्क होने की बात कर रहे हैं।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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