इंदौर की तर्ज पर 4 जोन में बंटा भोपाल, टोटल लॉक डाउन, वाहनों पर रोक

इंदौर की तर्ज पर 4 जोन में बंटा भोपाल, टोटल लॉक डाउन, वाहनों पर रोक

भोपाल।

प्रदेश में कोविड19 के बढ़ते संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रदेश की राजधानी को 4 जोन में बैठकर मंगलवार से पूरी तरह से लॉक डॉउन किया जा रहा है। राजधानी में इंदौर के तर्ज पर व्यवस्था की जा रही है। जहां जिले में एक जोन से दूसरे जोन में लोगों को ना आने की इजाजत होगी ना जाने की। वही दोपहिया और चार पहिया वाहनों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। अगर सड़क पर वाहन उतारा गया तो वह अधिग्रहित करने के साथ लाइसेंस भी निरस्त कर दिए जाएंगे। वही आवश्यक सेवा के अलावा लोग 4 जोनों में नहीं आ- जा सकेंगे।

दरअसल राजधानी भोपाल में 2 लोगों के संक्रमण में आने के बाद इंदौर की तर्ज पर ही भोपाल को चार जोन में बांट दिया गया है। भोपाल के कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने बताया की अब बिना अनुमति अगर कोई सड़क पर घूमता पाया गया तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं राजधानी में मंगलवार से दो और चार पहिया वाहनों पर भी रोक लगा दी गई है। इसके बावजूद अगर सड़क पर वाहन उतारा गया तो वहां अधिग्रहित के साथ लाइसेंस भी निरस्त कर दिए जाएंगे। वही जानकारी देते हुए कलेक्टर पिथोड़े ने बताया कि शहर में किराना से लेकर दूध सब्जी और दवा की दुकानें खुली रहेंगी। वहीं साथ ही साथ ऑनलाइन डिलीवरी की व्यवस्था की जा रही है। कलेक्टर ने जानकारी देते हुए कहा कि शहर मैं रात के 8:00 बजे से बड़े वाहनों की एंट्री होगी और 12:00 बजे के पहले किराना एवं अन्य सामान वाले ट्रक रवाना कर दिए जाएंगे। जहां यह व्यवस्था 14 अप्रैल तक लागू रहेगी।

वहीं दूसरी तरफ पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी ने लॉक डाउन की व्यवस्थाओं पर नजर रखने के लिए टीम का गठन किया है। जिसमें पुलिस महानिदेशक विजय यादव अतिरिक्त महानिदेशक डी श्रीनिवास राव, अतिरिक्त महानिदेशक विजय कटारिया, एके सिंह, विपिन माहेश्वरी के साथ अन्वेष मंगलम को भी शामिल किया गया है। यह टीम पुलिसकर्मियों को आने वाली समस्याओं एवं उनके निराकरण के लिए कार्य करेगी। इसी के साथ भोपाल जिले की सभी सीमाएं भी 14 अप्रैल तक के लिए सील कर दी गई है। जिस दौरान ना तो आसपास के जिले से कोई आ पाएगा और ना ही किसी जिले में वापस जा पाएगा। भोपाल सीमा में प्रवेश करने का एक ही तरीका होगा कि वह भोपाल के रहवासी हो अथवा किसी परिजन की मृत्यु या मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में भोपाल आने यह बाहर जाने की इजाजत मिलेगी। जिले में आने के बाद लोगों को क्वॉरेंटाइन किया जाएगा।

बता दे कि पूरी तरह से लॉक डाउन होने के बाद भी लोग घरों से बाहर घूम रहे हैं। जिससे कि लोगों में संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है। इस पर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए यह निर्णय लिया है।

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