छिंदवाड़ा सांसद की सुरक्षा श्रेणी में कटौती, Congress ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

छिंदवाड़ा सांसद की सुरक्षा श्रेणी में कटौती, Congress ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

भोपाल।

मध्यप्रदेश(madhyapradesh) की सियासी गलियारों में हर दिन एक नया विवाद खड़ा हो जाता है। इस बार उपजे विवाद की वजह नकुलनाथ हैं। दरअसल शिवराज सरकार(shivraj government) ने सांसद नकुलनाथ(nakulnath) की सुरक्षा श्रेणी में कुछ कमी की है। जिसके बाद कांग्रेस(congress) ने एक बार फिर बीजेपी सरकार(BJP Government) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वहीं उनसे सुरक्षा में कमी करने के कारणों को स्पष्ट करने की मांग की है।

राज्य शासन के गृहविभाग ने छिदवाड़ा सांसद नकुलनाथ की सुरक्षा घटा दी है। सांसद नकुलनाथ पर आरोप है कि कमलनाथ शासनकाल में नियमों की अनदेखी करके सुरक्षा ली गई थी। राज्य शासन की तरफ से ये भी दलील दी गई है कि नकुलनाथ ने पहली बार के सांसद बनने पर y+ सुरक्षा ले ली थी। जिसके बाद अब प्रदेश में भाजपा सरकार ने उनकी सुरक्षा श्रेणाी को Y+ से घटाकर X श्रेणी कर दी गई है। जिसपर अब कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने सरकार को घेरते हुए मांग की है किजिसपर अब कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने सरकार को घेरते हुए मांग की है कि राज्य भाजपा सरकार सुरक्षा घटाने का कारण स्पष्ट करे। प्रदेश में जिन लोगों को वाय प्लस सुरक्षा दी जा रही है। उनके नाम जाहिर करें।

बता दे कि इससे पहले नामदेव दास त्यागी ऊर्फ कम्प्यूटर बाबा ने शिवराज सरकार(shivraj government) गंभीर आरोप लगाए थे। कंप्यूटर बाबा ने कहा था कि शिवराज सरकार उनकी हत्या की साज़िश कर रही है। इसी के साथ उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र लिख सुरक्षा की गुहार लगाई थी। वहीँ उन्हें सुरक्षा और फॉलोगार्ड बहाल करने की मांग की थी।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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