CM के पहुंचने से पहले आपस में भिड़े कांग्रेस नेता, जमकर हुई हाथापाई

CM के पहुंचने से पहले आपस में भिड़े कांग्रेस नेता, जमकर हुई हाथापाई

इंदौर।

इंदौर के कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन में उस वक्त अफरा तरफी मच गई जब किसी बात को लेकर कांग्रेस नेताओं में आपस में विवाद हो गया। बात इतनी बढ़ी की दोनों के बीच हाथापाई हो गई, दोनों ने एक दूसरे को थप्पड़ जड़ दिए। जबकी थोड़ी देर बाद ही सीएम यहां झंडा वंदन के लिए पहुंचने वाले थे। जैसे ही सीएम की सुरक्षा में लगे पुलिस अधिकारियों की इस पर नजर पड़ी वे दौड़े और दोनों को अलग किया। भीड़ जमा देख मौके पर सीएसपी डीके तिवारी पहुंचे और कांग्रेस नेता को कार्यक्रम स्थल से बाहर कर दिया। हालांकि विवाद कैसे औऱ क्यो हुआ यह अभी तक स्पष्ट नही हो पाया है।

दरअसल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को आज गणतंत्र दिवस के अवसर पर इंदौर के कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन में झंड़ा फरहाने पहुंचना था।सभी पुलिसकर्मी और अधिकारी उनकी तैयारियों में जुटे थे। लेकिन सीएम के इसके पहले ही कांग्रेस नेताओं के बीच हाथापाई हो गई।इससे पहले ही कोई कुछ समझ पाता सड़क पर ही दो कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव और चंदू कुंजीर आपस में भिड़ गए, दोनों ने एक दूसरे जो थप्पड़ मार दिए। यह देख वहां सीएम की सुरक्षा के लिए लगे पुलिस अधिकारी दौड़े और दोनों को अलग किया। इसके बाद सीएसपी डीके तिवारी ने चंदू कुंजीर को कार्यक्रम स्थल से बाहर कर दिया।हालांकि विवाद किस बात को लेकर हुआ अभी तक स्पष्ट नही हो पाया है। वही विवाद के कुछ देर बाद ही सीएम कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए, इस दौरान उनका स्वागत करने के लिए कांग्रेस नेताओं में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसके बाद सीएम मंच पर पहुंचे और तिरंगा फहराया।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews