Corona crisis: अब ई-ऑफिस के माध्यम से होंगे सभी सरकारी काम, आदेश जारी

Corona crisis: अब ई-ऑफिस के माध्यम से होंगे सभी सरकारी काम, आदेश जारी

भोपाल।

प्रदेश में तेजी से बढ़े कोरोना(corona) संक्रमण के बीच शिवराज सरकार ने मिनी कैबिनेट का विस्तार किया है। जिसके बाद अब मंत्रालय द्वारा ई-ऑफिस मॉड्यूल(e-office module) के माध्यम से ही शासकीय कार्य संपन्न किया जायेगा। जिसके लिए वित्त विभाग मध्यप्रदेश शासन ने पत्र लिखकर आदेश जारी किया है।

वित्त विभाग ने अपने लिखे हुए पत्र में कहा है कि कोरोना की रोकथाम हेतु वर्तमान में लॉक डाउन किया गया है।वित्त विभाग में न्यूनतम कर्मचारियों से आवश्यक कार्य संपादित कराया जा रहा है।अधिकतर कर्मचारी घर से ही कार्य कर रहे हैं। वही भौतिक रूप से पत्रकारों को एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में प्रेषण कराने हेतु जहां एक और मानव संसाधन की उपलब्धता नहीं है। दूसरी ओर इससे कोरोना वायरस(corona virus) के संक्रमण की भी संभावना बढ़ती है। जिसको देखते हुए यह निर्देश दिया जा रहा है कि वित्त विभाग को प्रेषित किए जाने वाले समस्त पत्राचार को मंत्रालय ई ऑफिस मॉड्यूल के तहत संबंधित शाखा कार्य देख रहे उस सचिव को सीधे प्रेषित की जाए। इसी के साथ पत्राचार प्रस्ताव के साथ स्वयंपूर्ण संक्षेपिका का आवश्यक रूप से संकलन की जाए। इसके अलावा अति महत्वपूर्ण मामले तथा मंत्री परिषद संक्षेपिका जैसे त्वरित अभिमत को ही भौतिक रूप से प्रेषित किया जाए।

वहीं विभाग ने इस आदेश को लॉक डाउन(lockdown) जारी रहने तक अनिवार्य रूप से अपनाए जाने का अनुरोध किया है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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