“पटवारी की मांग, अतिथि विद्वानों को नियुक्ति पत्र जारी करे शिवराज सरकार

“पटवारी की मांग, अतिथि विद्वानों को नियुक्ति पत्र जारी करे शिवराज सरकार

भोपाल।

प्रदेश में व्याप्त कोरोना संकटकाल के बीच कांग्रेस मीडिया प्रभारी(congress media spokesperson) और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी(jitu patwari) ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान(shivraj singh chouhan) को पत्र लिखा है। पूर्व मंत्री पटवारी ने पत्र में शिवराज सिंह चौहान से अतिथि विद्वानों को नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग की है। साथ ही पटवारी ने यह भी मांग की है कि विद्वानों को नियुक्ति पत्र के साथ मार्च माह का वेतन भी जारी किया जाए।

शुक्रवार को पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिख अतिथि विद्वान के नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग की है। पूर्व मंत्री पटवारी ने लिखा है पीएससी असिस्टेंट प्रोफेसर के आने से बाहर हुए अतिथि विद्वान के लिए कमलनाथ सरकार द्वारा 1369 पद तय किए गए थे। इसी के साथ 450 अन्य अतिथि विद्वान के लिए भी सीट तय की गई थी। जहां सभी 1819 पदों के लिए ऑनलाइन चॉइस फिलिंग प्रक्रिया 9 मार्च तक पूरी कर ली गई थी। बावजूद इसके अभी तक शिवराज सरकार द्वारा अतिथि विद्वान को नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया है। जीतू पटवारी ने मांग की है कि जल्द से जल्द अतिथि विद्वान को नियुक्ति पत्र जारी करने के साथ-साथ उन्हें मार्च माह का वेतन भी जारी किया जाए।

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले नियमितीकरण की मांग को लेकर पिछले करीब 82 दिनों से राजधानी के शाहजहांनी पार्क में प्रदर्शन कर रहे थे ।जिसके बाद सरकार ने अतिथि विद्वानों (Atithi Vidwan) को उच्च शिक्षा विभाग च्वॉइस फिलिंग के आधार पर प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में नियुक्ति देने की बात कही थी।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews