गृहमंत्री नरोत्तम का कांग्रेस पर तंज- झूठे लोगों की तो भगवान भी नहीं सुनते

गृहमंत्री नरोत्तम का कांग्रेस पर तंज- झूठे लोगों की तो भगवान भी नहीं सुनते

दतिया।

मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार के मंत्रिमंडल के बाद पार्टियों की नजर उपचुनाव की तैयारियों को लेकर है। जहां चुनाव अभियान की शुरुआत से पूर्व ईश्वर दर्शन के लिए महाकाल मंदिर पहुंचे पूर्व मंत्री कमलनाथ पर तंज कसते हुए प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि झूठे लोगों की तो भगवान भी नहीं सुनते है। कॉन्ग्रेस छल-कपट की राजनीति करती है। ऐसे में उनके द्वारा मांगी गई दुआ भी व्यर्थ ही जाएगी।

दरअसल मीडिया से बात करते मिश्रा ने कहा कि जब पितांबरा पीठ से कमलनाथ अध्यक्ष बन कर आए थे तभी पितांबरा पीठ और महाकाल भी गए थे। जहां उन्हें भगवान का आशीर्वाद तो मिला लेकिन वह अपने घर को संभाल नहीं सके। और ईश्वर भी उनकी कोई मदद नहीं कर सके क्योंकि उन्हें पता है कि कांग्रेस छल कपट की राजनीति से ज्यादा कुछ नहीं करती। कमलनाथ सरकार ने प्रदेश के युवाओं,माता, बहनों के साथ धोखा किया है। इसलिए अब यह कहीं भी चले जाए कोई मतलब नहीं है। इसके साथ ही रामायण की चौपाई पढ़ते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अभियान कांग्रेस कहीं से भी शुरू करें लेकिन छल और कपट की राजनीति करने वालों को कोई फायदा नहीं मिलना है। वही अल्पसंख्यक को लेकर चल रहे मामले के बीच गृह मंत्री ने कहा कि न्यायालय के जो फैसला होगा वह सामने आ जाएगा।वहीं दूसरी तरफ उमा भारती के बयान का समर्थन करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उमा भारती ने जो भी कहा है बिल्कुल सही कहा है। हम उनके मत से सहमत हैं। जैसा कि आपको ज्ञात है उमा भारती ने कहा था कि बीजेपी का हर नेता जनता का सेवक है। इसलिए कोई भी मंत्री मलाईदार पदों के फेर में ना रहे।

बता दें कि 24 सीटों पर उपचुनाव को लेकर दोनों पार्टियों की तैयारियां शुरू हो चुकी है। जिसको लेकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ आज महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचे थे। जहां उन्होंने साफ कहा था कि प्रदेश की जनता जानती है कि कौन शेर है, कौन टाइगर और कौन बिल्ली। वह चुनाव में सब कुछ बता देगी।जिसके बाद गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने उन्हें आड़े हाथ लिया है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews