MP में चरणवंदना का सिलसिला जारी, अब इस कैबिनेट मंत्री ने छूए ‘महाराज’ के पैर

MP में चरणवंदना का सिलसिला जारी, अब इस कैबिनेट मंत्री ने छूए ‘महाराज’ के पैर

भोपाल।एमपी में नेताओं की चरणवंदना का सिलसिला जारी है।बीते दिनों कमलनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरातित्य सिंधिया के पैर छुकर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी थी।इससे महाराज नाराज भी हो गए थे। लेकिन बावजूद इसके ये चरणवंदना का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है। अब कमलनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री और सिंधिया की कट्टर समर्थक मानी जाने वाली इमरती देवी द्वारा पैर छूने का मामला सामने आया है।खास बात ये है कि ये पूरा घटनाक्रम तब सामने आया है जब पहले से ही एमपी की सियासत में सिंधिया के दौरों को लेकर सरगर्मियां बढी हुई है। पीसीसी चीफ और राज्यसभा भेजे जाने की चर्चाओं का भी बाजार गर्म है।

दरअसल, आज सिंधिया चिकित्सा शिक्षा मंत्री विजयलक्ष्मी साधो के घर मुलाकात करने पहुंचे थे यहां सिंधिया का स्वागत करने तमाम दूसरे मंत्री भी मौजूद थे। इस दौरान एमपी की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने बिना कुछ सोचे समझे सिंधिया के पैर छुए। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस दौरान कई स्थानीय कांग्रेस नेता मौजूद रहे। हालांकि यह पहला मौका नही है इमरती देवी पहले भी कई बार ऐसा कर चुकी है।यहां तक कि वे खुले तौर पर सिंधिया को अपना भगवान भी बता चुकी है। एक बार उन्होंने भरे मंच पर सिंधिया की चप्पल भी उठाने की कोशिश की थी हालांकि सिंधिया ने उन्हें रोक दिया था।

इससे पहले मंत्री तोमर ने ग्वालियर में सिंधिया को साष्टांग दंडवत प्रणाम कर किया था।यह एक बार नही बल्कि दो बार दोहराया गया था। इसको लेकर सिंधिया काफी नाराज भी हुए थे।इतना ही नही हाल ही में एक कार्यक्रम में समर्थक श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह सिंधिया के चमचे हैं।जिसका दूसरे समर्थक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने समर्थन किया था औऱ कहा था कि हम श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया के चमचे हैं।अब इमरती देवी का यह घटनाक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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