सिंधिया समर्थक कांग्रेस विधायक ने अटल जी को लेकर की ये घोषणा

सिंधिया समर्थक कांग्रेस विधायक ने अटल जी को लेकर की ये घोषणा

भिंड। कांग्रेस के लिये अगर ये कहा जाता है कि वो अंदरूनी खेमेबाज़ी और भीतरघात के कारण ही परेशानी में पड़ती है, तो ये बिल्कुल ग़लत लगता। इन दिनों भी शायद प्रदेश कांग्रेस के लिये अच्छा समय नहीं चल रहा है। एक तरफ कमलनाथ और सिंधिया की तनातनी अब सड़क पर आने को ही है, वहीं अब उनके एक विधायक ने अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति खुलेआम अपने प्रेम का इज़हार कर दिया है।

दरअसल गोहद विधायक रणवीर जाटव ने शनिवार को अपने विधानसभा क्षेत्र में सरेआम ये ऐलान कर दिया कि वो पूर्व प्रधानमंत्री रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित कर उनके नाम पर एक चौराहे का नामकरण करेंगे। इस घोषणा से जहां कांग्रेस के होश उड़े हैं वही बीजेपी नेता भी फिलहाल खामोशी ही ओढ़े हुए हैं।

विधायक जाटव का कहना है कि अटल बिहारी वाजपेयी का वे निजी तौर पर बेहद सम्मान करते हैं, वे एक ऐसे नेता रहे हैं जो किसी भी दल से ऊपर उठ चुके थे। वाजपेयी के बचपन का एक लंबा अरसा गोहद में बीता और जाटव का कहना है कि इस इलाके को उनकी यादों को हमेशा के लिये समेट लेना चाहिये। यही कारण है कि वो यहां उनकी प्रतिमा स्थापित करना चाहते हैं। हालांकि जाटव ने अब ये बात कही है लेकिन गोहद नगरपालिका काफी पहले ही इसे लेकर योजना बना चुकी है और इसपर औपचारिक रूप से कार्य शुरू भी हो चुका है। बहरहाल इस क्षेत्र में वाजपेयी की प्रतिमा लगना तय है, अब भले ही वो नगरपालिका द्वारा लगाई जाये या विधायक जाटव द्वारा। लेकिन अपने विधायक के इस वाजपेयी-प्रेम से कांग्रेस की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews