शिवराज और यशोधरा से कुछ इस अंदाज में मिले जूनियर ‘सिंधिया’, वीडियो वायरल

शिवराज और यशोधरा से कुछ इस अंदाज में मिले जूनियर ‘सिंधिया’, वीडियो वायरल

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।मध्यप्रदेश की राजनीति में सिंधिया परिवार हमेशा से ही सुर्खियों में रहा है।इन दिनों कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी डिनर डिप्लोमेसी और पक्ष-विपक्ष के नेताओं से मुलाकात चर्चाओं में बनी हुए है। वही अब जूनियर सिंधिया भी चर्चा का केन्द्र बन गए है। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वे अपनी दादी बुआ और बीजेपी की दिग्गज नेत्री यशोधरा राजे सिंधिया को गले लगाते और फिर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को दो बार झुककर प्रणाम करते हुए नजर आ रहे है। इससे पहले उनका शिवराज के साथ भजन में ताल से ताल मिलाते हुए का वीडियो वायरल हुआ था।

दरअसल, राजमाता की जयंती और पुण्य तिथि पर सिंधिया राजवंश की छत्री पर हर बार कार्यक्रम होते हैं जिसमें राजमाता की बेटी और प्रदेश की पूर्व मंत्री यशोधरा राजे अवश्य मौजूद रहती हैं। कई बार ऐसा हुआ जब यहाँ यशोधरा राजे और राजमाता के पोते यानि पूर्व केंद्रीय मंत्री माधव राव सिंधिया के बेटे कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया की आमने सामने भेंट हुई लेकिन दोनों ने अपने बीच चल रही तलखियाँ मिटाते हुए एक दूसरे को गले लगाया। शनिवार को भी ऐसा ही हुआ जब सिंधिया राजवंश के सबसे युवा सदस्य महाआर्यमन सिंधिया छत्री पहुंचे। उन्होंने राजमाता की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की, उनके पैर में फ्रेक्चर है इसलिए वे धीरे धीरे चल रहे थे तभी यशोधरा राजे से उनकी भेंट हो गई। महाआर्यमन को देखते ही यशोधरा रुक गई इतने में ही महाआर्यमन आगे बढे और दादी बुआ यशोधरा को गले लगा लिया । जब यशोधरा ने उनका परिचय पास में खड़े पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से करवाया तब महाआर्यमन ने झुक कर शिवराज को प्रणाम किया ऐसा उन्होंने दो बार किया।जूनियर सिंधिया के इस अंदाज में बड़े नेताओं के प्रति ना सिर्फ सम्मान दिखाई दिया बल्कि सिंधिया राजवंश के संस्कार भी झलके।

वही शिवराज ने भी हाथ जोड़कर प्रणाम का जवाब दिया और महाआर्यमन से उनके फ्रेक्चर के बारे में पूछा, महाआर्यमन ने बताया कि फुटबॉल खेलते समय उन्हें चोट ला गई। लोगों ने इस अद्भुत पल की वीडियो बना ली जो अब वायरल हो रही है। बहरहाल राजनीति से परे इस तस्वीर में सम्मान तो था ही साथ ही संस्कार भी था। इतना ही नहीं तस्वीर में उन लोगों के लिए भी एक संदेश छिपा था जो अपने राजनैतिक प्रतिद्वंद्वी के सामने जाने से भी कतराते हैं।

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निदेशक और संपादक

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