स्वास्थ्यकर्मियों पर पथराव मामला: कैलाश बोले-“मैं भी हूं शर्मिंदा”

स्वास्थ्यकर्मियों पर पथराव मामला: कैलाश बोले-“मैं भी हूं शर्मिंदा”

इंदौर।आकाश धौलपुरे।

इंदौर में बुधवार को कोरोना फाइटर्स याने स्वास्थ्य विभाग की टीम पर हुए हमले के मामले ने तूल पकड़ लिया। जहां घटना के बाद इंदौर पुलिस ने वीडियो के आधार पर 10 लोगो के खिलाफ एफआईआर कर 7 लोगो को गिरफ्तार कर लिया है वही इस मामले को लेकर प्रशासन भी गम्भीर नजर आ रहा है। जहां इंदौर कलेक्टर मनीष ने कहा कि ऐसी घटना को नजरअंदाज नही किया जा सकता और स्वास्थ्य विभाग की टीम की सुरक्षा प्रशासन Kई जिम्मेदारी है ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षाबल की 5 कंपनियों की मांग की है वही दूसरी और इस मामले को लेकर जिला कलेक्टर मनीष सिंह ने बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव से चर्चा की और जानकारी दी। इधर, टाटपट्टी बाखल – सिलावटपुरा घटना को लेकर कैलाश विजयवर्गीय ने रोष जताया और कहा कि कल की घटना के बाद शहर का नागरिक होने के नाते मैं शर्मिंदा हूँ। विजयवर्गीय ने साफ कहा कि कोरोना वारियर्स की सुरक्षा की जाएगी और प्रशासन मुस्तैदी से काम कर रहा है। वही इंदौर में उन्होंने खाद्यान्न वितरण प्रणाली को दुरुस्त करने का आश्वासन भी शहर की जनता को दिया। विजयवर्गीय ने कहा कि लोग अपने घरों में रहे बेवजह सड़क पर न निकले साथ ही उन्होंने कहा कि दिल्ली के मरकज में मौजूद 2 इंदौरवासियो को दिल्ली में ही आइसोलेटेड किया गया है हालांकि उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से 86 लोगो के तबलगी जमात के लोगो की जानकारी को भी नकारा नही। वही उन्होंने जल्द ही कोरोना पीड़ितों सहित अन्य स्वास्थ्यगत जानकारी के मामले में मीडिया को दो मेडिकल बुलेटिन, सुबह 11 बजे और शाम 7 बजे जारी करने की बात कही और कहा इससे अफवाह और भ्रामक जानकारी फैलने से रुकेगी।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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