कमलनाथ सरकार को केन्द्र का एक और झटका, अब की इसमें कटौती

कमलनाथ सरकार को केन्द्र का एक और झटका, अब की इसमें कटौती

भोपाल।

एमपी में सत्ता परिवर्तन होने के बाद  से ही केन्द्र और राज्य सरकार के बीच तनातनी बनी हुई है। आए दिन केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश सरकार को लेकर सख्ती की जा रही है। अब केन्द्र की मोदी सरकार ने फिर प्रदेश की कमलनाथ सरकार को बड़ा झटका दे दिया है।  केंद्र सरकार ने अब यूरिया की आपूर्ति का कोटा लगभग दो लाख मीट्रिक टन कम कर दिया। इसके पहले यूरिया की रबी सीजन के लिए मांग 18 लाख मीट्रिक टन से घटाकर 15 लाख 40 हजार मीट्रिक टन कर दी गई थी। ये फैसला ऐसे समय में किया गया है जब प्रदेश का किसान यूरिया की किल्लत से जूझ रहा है, प्रदेश में पुलिस के पहरे में यूरिया को बांटा जा रहा है, किसानों पहले से ही फसल बर्बादी की मार झेल रहे हो।

हालांकि यह पहला मौका नही है।जब केन्द्र ने राज्य सरकार को लेकर सख्ती की हो। इसके पहले राज्य की कमलनाथ सरकार ने किसानों की फसल बर्बादी पर केन्द्र से 6,621 की मांग की थी लेकिन केन्द्र द्वारा 1000 करोड़ का ही राहत पैकेज जारी किया था। वही इसके पहले केंद्र सरकार ने गेहूं पर प्रति क्विंटल 160 रुपए प्रोत्साहन राशि देने की योजना लागू करने पर सेंट्रल पूल में 7 लाख मीट्रिक टन गेहूं लेने से भी इनकार कर दिया था।

कमी नही होने देंगे-कृषि मंत्री

कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मांग के अनुरूप कोटा नहीं देने और आपूर्ति में भी कमी होने के बावजूद हम किसानों को परेशान नहीं होने देंगे। पूरा विभाग खाद के प्रबंधन में जुटा है। हमने पहले ही आकलन कर लिया था कि इस बार अतिरिक्त यूरिया लगेगी, इसलिए सहकारी समितियों की दुकान और गोदामों में यूरिया पहुंचा दिया था। पिछले साल की तुलना में अभी तक 13 फीसदी अधिक यूरिया बिक चुका है। जिलों में कालाबाजारी न हो, हर किसानों को यूरिया मिले, इसके लिए कलेक्टरों को मुस्तैद कर दिया है।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस ने सवाल उठाए है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा का कहना है कि केंद्र की भाजपा की मोदी सरकार का निरंतर किसान विरोधी रवैया सामने आ रहा है।चाहे पूर्व में भावंतर योजना ।राष्ट्रीय आपदा कोष से बार-बार आग्रह कर 6621 करोड रुपए मांगने के बावजूद अभी तक मात्र 1 हज़ार करोड़ की राशि केंद्र सरकार द्वारा दी गई है। वही फसल बीमा योजना के प्रदेश सरकार द्वारा इस वर्ष के अपने हिस्से की प्रीमियम राशि 505 करोड रुपए जमा कराने के बावजूद केंद्र सरकार का फसल बीमा का लाभ देने से इंकार कर दिया है और अब प्रदेश में रबी के सीजन में यूरिया की आपूर्ति का कोटा कम करने का मामला हो। वही उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार यूरिया की आपूर्ति को लेकर निरंतर प्रयासशील है।प्रदेश में यूरिया का किसी भी प्रकार का कोई संकट नहीं है।भविष्य में भी किसानों को यूरिया की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। केंद्र सरकार से यूरिया की आपूर्ति का कोटा बढ़ाने का आग्रह कर रहे हैं।पूरे प्रदेश में प्रशासन को किसानों को पर्याप्त यूरिया की आपूर्ति को लेकर निर्देश पूर्व में ही जारी किए जा चुके हैं।

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