प्रदेश के कर्मचारियों को लेकर कमलनाथ ने लिखा शिवराज को पत्र

shivraj-kamalnath

भोपाल

कोरोना महामारी के संक्रमण के बीच में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भले ही एक भी बार दिखाई न दिये हो लेकिन उनका मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ पत्राचार लगातार जारी है। ताजा पत्र में उन्होंने शिवराज सरकार द्वारा अधिकारी कर्मचारियों को दिए गए 5% महंगाई भत्ते को स्थगित करने का विरोध किया है।

अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि मेरी सरकार द्वारा 16 मार्च 2020 को छठवें और सातवें वेतनमान के रूप में 164% और 17% महंगाई भत्ता स्वीकृत किया गया था लेकिन आप की सरकार द्वारा इस कर्मचारी हितैषी फैसले को रद्द करने का निर्णय एकतरफा और दुराग्रह पूर्ण है। कमलनाथ ने शिवराज से सवाल किया है कि क्या प्रदेश के छोटे कर्मचारियों को न्याय देने का निर्णय गलत निर्णय है और एक चुनी हुई सरकार के फैसले को पलट कर क्या आप की सरकार कर्मचारियों से बदला ले रही है। मैं और मेरी पार्टी ऐसे फैसलों का सड़क से लेकर सदन तक विरोध करेंगे । पत्र के आखिर में एक बार फिर कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से अनुरोध किया है कि वह कर्मचारियों के हित में निर्णय को वापस लें और कोरोना महामारी की इस विषम परिस्थितियों में कर्मचारियों को राहत प्रदान करें।हालाकि पहले ही शिवराज यह साफ कर चुके है कि मंहगाई भत्ता केवल स्थगित किया गया है,रद्द नहीं।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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