MP: नागरिकता कानून के समर्थन में दूल्हे का अनोखा प्रयास, शादी के कार्ड पर लिखा ‘I Support CAA’

MP: नागरिकता कानून के समर्थन में दूल्हे का अनोखा प्रयास, शादी के कार्ड पर लिखा ‘I Support CAA’

नरसिंहपुर| नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश भर में बहस जारी है, वहीं इस कानून के विरोध के साथ ही समर्थन में भी लोग खुलकर आगे आ रहे हैं| अलग अलग तरीके से लोग विरोध या समर्थन कर रहे हैं| इस बीच अब सीएए के समर्थन के लिए मध्य प्रदेश में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां शादी के कार्ड पर ‘आई सपॉर्ट सीएए’ छपवाया गया है|

नरसिंहपुर जिले के रहने वाले प्रभात की 18 जनवरी (शनिवार) को शादी है। प्रभात केंद्र सरकार के नागरिकता संशोधन ऐक्ट के समर्थक हैं। सीएए के समर्थन में उन्होंने अनोखा तरीका अपनाया| उन्होंने अपना समर्थन जताने के लिए अपनी शादी के कार्ड पर आई सपोर्ट सीएए छपवा दिया। इस बारे में दूल्हे प्रभात ने मीडिया से कहा, ‘मैं सीएए के बारे में जागरूकता फैलाना चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि लोग कानून के बारे में तथ्यों को समझें।’

गौरतलब है कि नागरिकता कानून के संसद में पास होने के बाद काफी विरोध हो रहा है। इस कानून में 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में सताए जाने की वजह से भारत आए वहां के धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता का देने का प्रावधान है। सीएए और एनआरसी को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस ऐक्ट का समर्थन कर रहे हैं। ऐसे लोग अलग-अलग तरीकों से कानून के प्रति अपना समर्थन जाहिर कर रहे हैं।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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