पुलिस चालान बनाने पर अड़ी रही, और आटो में बैठे व्यक्ति की हो गई हार्ट अटैक से मौत

पुलिस चालान बनाने पर अड़ी रही, और आटो में बैठे व्यक्ति की हो गई हार्ट अटैक से मौत

जबलपुर। वाजिद खान।

खबर जबलपुर से है जहाँ ट्रैफिक पुलिस की चैकिंग के दौरान एक युवक की हार्ट अटैक आने से मौत हो गई। युवक की मौत से स्थानीय लोगों का गुस्सा पुलिस पर फूट पड़ा। जिसके बाद लोग सड़क पर चक्काजाम कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए बैठ गए।

जानकारी के मुताबिक सचिन विश्वकर्मा ऑटो से अपना इलाज कराने अस्पताल जा रहा था जैसे ही ऑटो बादशाह हलवाई मंदिर के पास पहुंचता है वैसे ही वहाँ चैकिंग कर रही पुलिस ने ऑटो रोक लिया।इस दौरान ऑटो चालक ने पुलिस को बताया भी था कि सचिन की तबियत ज्यादा खराब है और उसे जाने दे पर पुलिस चलानी कार्यवाही के लिए अड़ी रही। पुलिस को 500 रु देने के लिए न सचिन के पास थे और न ही ऑटो चालक के पास लिहाजा ऑटो चालक चलानी के रु लेने चला गया और उसे आने ने देर हो गई इधर ऑटो में ही सचिन को लागतार सीने में दर्द हो रहा था लिहाजा उसकी ऑटो में ही तड़प तड़प कर मौत हो गई।

सचिन की मौत होने की खबर पाते ही स्थानीय लोगो ने हंगामा करते हुए सड़क पर चक्काजाम करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर दी।सूचना मिलने के बाद asp अमृत मीना भी मौके पर पहुँच गए।स्थानीय लोगो का कहना है कि आज पुलिस का कृत्य यमराज जैसा था।एक व्यक्ति दर्द से तड़प रहा था पर पुलिस को उस पर रहम नही आया।वही asp अमृत मीना का कहना है कि शिकायतों की जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।अभी परिजनों को 20 हजार रु की आर्थिक मदद दी जा रही है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews