शिवराज ने दिए तब्लीग जमात में शामिल लोगों के क्वारंटाइन के निर्देश, प्रदेश की अलग-अलग मस्ज़िदों में ठहरे हैं 83 लोग

शिवराज ने दिए तब्लीग जमात में शामिल लोगों के क्वारंटाइन के निर्देश, प्रदेश की अलग-अलग मस्ज़िदों में ठहरे हैं 83 लोग

भोपाल।

प्रदेश में तेजी से फैलते कोरोना संक्रमण के बीच दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में प्रदेश के 107 लोग शामिल होने की खबर सामने आई है, जिसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निजामुद्दीन से प्रदेश पहुंचे लोगों को क्वॉरेंटाइन करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रदेश से 100 से अधिक लोग इस धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जिन्हें चिन्हित कर क्वॉरेंटाइन में रख उनके आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण का निर्देश दिया गया है और ये कार्रवाई उनके और सभी लोगों के हित के लिये की जा रही है। इसे लेकर सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षक को यह भी निर्देश दिया गया कि धार्मिक कार्यक्रमों के सिलसिले में जो व्यक्ति प्रदेश में घूम रहे हैं उनका विवरण प्राप्त कर उन पर उचित कार्रवाई की जाए। बता दें कि लॉकडाउन में किसी भी तरह के सामूहिक आयोजन पर पूरी तरह रोक लगाई गई है।

प्रदेश के जो 36 लोग जमात में शामिल थे वह दिल्ली के एक अस्पताल में क्वॉरेंटाइन किए गए हैं। इस बीच 83 अन्य लोगों की जानकारी मिली है जो उस धार्मिक आयोजन में शामिल होने के बाद प्रदेश के अन्य जिलों से हैं और प्रदेश के अलग-अलग हिस्से में मस्जिदों में ठहरे हुए हैं। इनमें से 67 लोगों को हज हाउस या मस्जिदों में ही क्वॉरेंटाइन कर दिया गया है।
मामला यह है कि कुछ दिन पूर्व दिल्ली से निजामुद्दीन में तबलीग जमात का बड़ा धार्मिक आयोजन किया गया था जिसमें देश-विदेश से श्रद्धालु शामिल हुए थे। बाद में इस आयोजन की जानकारी लगने पर जब उनकी जांच की गई तो कुछ लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। इसके बाद उनके संपर्क में आए हुए लोगों की जांच पड़ताल शुरू की गई है। इसके बाद ये बात सामने आई कि उनमें से 107 लोग मध्यप्रदेश से थे और इसके बाद उनमें से कई लोगों के प्रदेश लौटने की खबर से हड़कंप मच गया। खबरों के मुताबिक भोपाल की 5 अलग अलग मस्जिदों में फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा, बर्लिन, इंडोनेशिया से आए 57 लोगों की जमात मिली है और कहा जा रहा है कि ये लोग 5 मार्च से यहां पर ठहरे हुए हैं। इसके बाद अब प्रशासनिक अमला अब उन लोगों को चिन्हित करने में जुट गया है जो निजामुद्दीन से प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में लौटे हैं और उन्हें चिन्हित करने के बाद क्वारेंटाइन और उनकी जांच की जा रही है।

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