धोनी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास पर शिवराज का रिएक्शन, कहा Thank You

धोनी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास पर शिवराज का रिएक्शन, कहा Thank You

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (International Cricket) से संन्यास का ऐलान कर दिया है| उनके संन्यास की घोषणा के बाद देश भर की तमाम हस्तियों का रिएक्शन आ रहा है| क्रिकेट जगत से लेकर बॉलीवुड और राजनीति से जुडी हस्तियों ने धोनी की सर्वश्रेष्ठ पारियों को याद करते हुए धोनी को एक सफल कप्तान, क्रिकेटर बताया| इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने भी ट्वीट कर धोनी के सन्यास पर अपनी प्रतिक्रिया दी है| शिवराज ने धोनी को थैंक्यू भी कहा है|

दरअसल, मुख्यमंत्री शिवराज ने ट्वीट कर लिखा- महेंद्र सिंह धोनी मात्र एक क्रिकेटर नहीं हैं, वह छोटे शहरों और सामान्य परिवार से आने वाले उन करोड़ों युवाओं की ‘हिम्मत’ हैं, जिनमें कुछ बड़ा करने का जज्बा है। उनके जीवन से एक बात हर महत्वाकांक्षी भारतीय को सीखनी चाहिए ‘Its Never Too Late’. ThankYouDhoni

सुरेश रैना की पारियां याद रहेंगी
शिवराज ने सुरैना के रिटायरमेंट को लेकर भी ट्वीट किया| उन्होंने लिखा- डियर सुरेश रैना आपकी जबरदस्त फील्डिंग और शानदार बल्लेबाजी को देखने का अपना मजा था। मुझे आपकी 2006 में इंग्लैंड और 2010 में दक्षिण अफ्रीका तथा 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई रोमांचक पारियां आज भी याद हैं। आपके भावी जीवन के लिए मेरी मंगलकामनाएं!

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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