किसानों को यूं बेमौत ना मारे सरकार

JABALPUR

भोपाल।

15 महिने प्रदेश पर राज करनेवाली कांग्रेस(congress) सत्ता से हटने के बाद सरकार(government) से रोज नई नई मांग कर रही है। खास करके कांग्रेस किसानों(farmers) को आधार बनाए हुए है। एक बार फिर अब पान किसानों को लेकर कांग्रेस से सरकार से मांग की है कि उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया जाए।

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी(MP congress committee) के मीडिया विभाग(media department) के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता(bhupendra gupta) ने सरकार से पान के किसानों की समस्याओं पर तत्काल ध्यान देने की मांग की है ।गुप्ता का कहना है कि पान की खेती मध्य प्रदेश के सागर दमोह छतरपुर ग्वालियर जबलपुर रीवा(rewa) सतना(satna),नरसिंहपुर,होशंगाबाद(hoshangabad),पन्ना(panna) जैसे जिलों में बहुतायत में होती है इस व्यापार से देश को विदेशी धन निर्यात द्वारा मिलता है। दुर्भाग्य है कि करोना की मार में किसानों की चर्चा तो हो रही है लेकिन पान के किसान की कोई पूछ परख नहीं है जबकि अब मात्र 10% पान बेचने योग्य बचा है

भूपेंद्र गुप्ता ने सरकार से मांग की है कि बंगाल बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने पान के निर्यात करने के लिए अन्य राज्यों में भेजने के लिए अनुमतियां जारी कर दी हैं किंतु मध्यप्रदेश में पान का किसान हताश है और लालफीताशाही से न्याय की गुहार लगा रहा है ।एक गलत फैसले से रेल यातायात के माध्यम से बंगाल का मीठा पत्ता तो मध्यप्रदेश में आ रहा है लेकिन मध्य प्रदेश का बंगला पान मध्यप्रदेश में ही अपनी मौत मर रहा है जबकि इस पान की भारी मांग पाकिस्तान बांग्लादेश जैसे देशों तक में होती है ।

भूपेंद्र गुप्ता ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने और पान के परिवहन को शुरु करने के लिए पान मंडियों से प्रतिबंध हटाने की मांग की है अन्यथा पान का किसान बेमौत मारा जायेगा।उन्होने शिवराज जी से आग्रह किया कि पान के लाखों किसानों पर ध्यान दें और उनके लिये भी आर्थिक पैकेज घोषित करें।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews