University Exam: अंतिम वर्ष की परीक्षाएं July में, राज्यपाल ने कुलपतियों को दिए ये निर्देश

University Exam: अंतिम वर्ष की परीक्षाएं July में, राज्यपाल ने कुलपतियों को दिए ये निर्देश

भोपाल।

मध्यप्रदेश(madhyapradesh) शासन के उच्च शिक्षा विभाग(Higher Education Department) एवं माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश(Board of Secondary Education, Madhya Pradesh) ने UG-PG EXAM और 12th हायर सेकेंडरी के बचे हुए पेपर कराने का फैसला लिया है। जिसके बाद कॉलेजों के अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को लेकर राज्यपाल लालजी टंडन(governer lalji tandon) ने सभी विश्वविद्यालय(university) के कुलपतियों(Vice chancellors) के साथ परीक्षा की तैयारियों को लेकर बैठक ली। इस दौरान राज्यपाल(governer) ने कहा कि अंतिम वर्ष की परीक्षा अनुशासित, बाधा रहित, भयुक्त व गाइडलाइंस के अनुसार कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आत्मनिर्भर और स्वायत्त विश्वविद्यालय का नया दौर प्रारंभ हो रहा है। इसी बीच कहा गया है कि कॉलेजों के अंतिम वर्ष की परीक्षाएं जुलाई(july) में होंगी। प्रथम व द्वितीय वर्ष की परीक्षा तब ली जाएगी जब स्थिति बिल्कुल सामान्य हो जाएगी। वहीँ किसी भी विश्वविद्यालय का विद्यार्थी अगर लॉकडाउन(lockdown) में अपने गृह जिले में है तो वह वहीं से परीक्षा दे सकता है।

दरअसल शनिवार को हुए बैठक में राज्यपाल लालजी टंडन ने सभी विश्वविद्यालों के कुलपतियों के साथ बैठक में कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षित शारीरिक दूरी का ख्याल रखा जाएगा। इसके लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। लालजी टंडन ने कहा कि व्यवस्था को मजबूत और सफल बनाने का दायित्व कुलपतियों का है। राज्यपाल ने कहा कि कोविड-19 की चुनौती कठिन दौर है, लेकिन यह नए भारत के निर्माण का अवसर भी है। स्वदेशी नवाचारों के लिए नया वातावरण बना है। विश्वविद्यालय में शोध व अनुसंधान और नए-नए प्रयोगों को बढ़ावा दिया जाए। वहीँ राज्यपाल के सचिव मनोहर दुबे ने बताया कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों के लिए नैक ग्रेडिंग की अवधि 6 माह बढ़ा दी गयी है। उन्होंने ये भी कहा कि परीक्षाओं से पूर्व केंद्र पर थर्मल जांच, सैनिटाइजर आदि कि पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। वहीँ परीक्षा केंद्र में आइसोलेशन कक्ष आरक्षित रखा जाए। परीक्षार्थी को बुखार आदि के लक्षण मिलने पर उसकी परीक्षा अलग से ली जा सके।

इधर उच्च शिक्षा के प्रमुख सचिव अनुपम राजन ने कहा कि परीक्षा संचालन व्यवस्थाओं में सैनिटाइजेशन और सुरक्षित शारीरिक दूरी का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए। अगर कॉलेज में परीक्षा कक्ष कम पड़ेंगे तो पास के स्कूलों में भी परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। वहीँ उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कम से कम यात्रा करनी पड़े। दूर क्षेत्र एवं अन्य कारणों से परीक्षा में शामिल नहीं होने वालों के लिए अतिरिक्त परीक्षा की व्यवस्था हो और विद्यार्थियों की काउंसिलिंग भी की जाए। उनकी सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए।

बता दें कि विश्वविद्यालय परीक्षाओं की तारीखें घोषित कर दी गई है। मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश ने UG-PG EXAM और 12th हायर सेकेंडरी के बचे हुए पेपर कराने का फैसला लिया है। जिसके बाद से कोरोना संकट को देखते हुए लगातार विद्यार्थियों द्वारा जनरल प्रमोशन की मांग की जा रही है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews