VIDEO: स्कूलों को लेकर शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का बड़ा बयान

VIDEO: स्कूलों को लेकर शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का बड़ा बयान

शाजापुर।
नया सत्र शुरु हो गया है, लेकिन एमपी में लगातार बढ़ते कोरोना के मामले को देखते हुए स्कूलों खोलने को लेकर संशय बरकरार है। इसी बीच शिवराज सरकार में स्कूल शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार का बड़ा बयान सामने आया है।फिलहाल मध्य प्रदेश में स्कूल नहीं खुलेंगे। अगस्त माह में कोरोना की समीक्षा के बाद इस संबंध में कोई निर्णय लिया जाएगा।इसके अलावा सरकार सिलेबस कम करने की समीक्षा भी करेगी।

दरअसल, शनिवार को मंत्री बनने के बाद परमार पहली बार शाजापुर पहुँचे थे, जहाँ उनका कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने जोरदार स्वागत किया। मंत्री परमार ने यहाँ अधिकारियों की बैठक में भाग लिया ! मीडिया से चर्चा के दौरान परमार ने कहा कि सरकार हमारा घर, हमारा विद्यालय योजना चला रही है। इसी के साथ मोहल्ले में जाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शिक्षक 4-5 छात्रों को एक साथ पढ़ाएंगे ताकि बच्चे पढ़ाई में न पिछड़ें। फिलहाल मध्य प्रदेश में स्कूल नहीं खुलेंगे। अगस्त माह में कोरोना की समीक्षा के बाद इस संबंध में कोई निर्णय लिया जाएगा।इसके अलावा सरकार सिलेबस कम करने की समीक्षा भी करेगी।

मंत्री परमार ने कहा कि बड़ी क्लास के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की इजाज़त है लेकिन यदि फ़ीस अधिक लेने की शिकायत मिलेगी तो समीक्षा के बाद कार्रवाई की जायेगी इसी के साथ बजट की कमी के चलते शिक्षकों के वेतन में हो रही देरी को भी उन्होंने स्वीकार किया।

कांग्रेस पर ली चुटकी

मंत्री परमार ने कांग्रेस के विधायकों के पार्टी छोड़ने के सवाल पर कहा कि स्वाभिमान को लेकर यह विधायक पार्टी छोड़ रहे है। कांग्रेस के उम्मीदवारों के सर्वे के सवाल पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि हमारे तो अधिकांश उम्मीदवार पहले से तय है बस दो जगह हमे ढूढ़ना है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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