बीजेपी विधायक ने किसे कहा पागल, देखें वीडियो

बीजेपी विधायक ने किसे कहा पागल, देखें वीडियो

सीहोर।

मध्य प्रदेश की सियासी गतिविधियों के बीच अपने विधायकों की सुरक्षा को लेकर भाजपा सचेत है। सुरक्षाकर्मियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि विधायकों के ठहरे हुए रिसोर्ट में बाहर से किसी भी व्यक्ति को नहीं आने दिया जाए। जिसके बाद भाजपा के विधायक करण सिंह वर्मा को सुरक्षाकर्मियों ने अंदर जाने से रोक दिया। जिसके बाद करण सिंह वर्मा ने सुरक्षाकर्मियों को पागल कहा।

बता दें कि करण सिंह वर्मा इछावर से भाजपा के विधायक हैं। भाजपा ने सुरक्षा की दृष्टि से अपने सभी विधायकों को सीहोर के होटल ग्रेस में ठहराया है। जहां सुरक्षाकर्मियों का सख्त पहरा है। सुरक्षाकर्मियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि बाहर से किसी भी व्यक्ति को अंदर ना आने दिया जाए। जिसके बाद विधायक करण सिंह वर्मा को भी सुरक्षाकर्मियों ने अंदर जाने से रोका। काफी देर तक बाहर रुकने के बाद करण सिंह वर्मा ने सुरक्षाकर्मियों को पागल कहा किंतु बाद में व्यवस्था का हवाला देकर उन्होंने इस बात को टालने की कोशिश की।

गौरतलब हो कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा और राजेंद्र शुक्ला बीजेपी विधायकों के साथ रिसोर्ट ग्रेस में ही रुके हुए हैं। खबर है कि कुछ देर में पूर्व मुख्यमंत्री चौहान भोपाल के लिए रवाना होंगे। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीजेपी के विधायक आज रिसोर्ट में ही ठहरेंगे।

सुनिए क्या कहा विधायक करण सिंह वर्मा ने।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews