हरी नहीं लाल है ये भिंडी, अनोखे रंग में छिपा है सेहत का खजाना

हरी नहीं लाल है ये भिंडी, अनोखे रंग में छिपा है सेहत का खजाना

हेल्थ, डेस्क रिपोर्ट। भिंडी तकरीबन हर घर में बच्चों की पहली पसंद होती है। हरी हरी भिंडी थाली में आते ही बड़े और बच्चे खुशी खुशी खाना खा लेते हैं। भिंडी वैसे भी गुणों की खान है, इसे खाने से कैंसर का खतरा घटता है। दिल की बीमारियों का खतरा भी कम होता है। ये डायजेशन में भी आसान होती है। सिर्फ हरी ही नहीं अगर भिंडी का रंग लाल भी हो तो भी इसके अनेक फायदे हैं। लाल भिंडी बीते कुछ समय से बहुत डिमांड में हैं, इसका लाल रंग लोगों को खासा अट्रेक्ट कर रहा है। इसकी रंगत के चलते इसे कुमकुम भिंडी भी कहा जाता है। मध्यप्रदेश और उत्तप्रदेश में इसकी खासी डिमांड है।

कुमकुम भिंडी की कहानी

कुमकुम भिंडी को इसके गुणों के चलते सुपर फूड भी कहा जाता है। इसकी बोवनी नवंबर माह के आसपास होती है।  फरवरी तक भिंडी पक कर बाजार में बिकने आ जाती है। फरवरी से नवंबर तक इसकी फसल से मुनाफा होता है। खास बात ये है कि कम लागत में ज्यादा पैदावार होती है। इसके पोषक तत्वों की वजह से सुपर फूड्स में शुमार ये भिंडी अच्छे दामों में बिकती है।

कुमकुम भिंडी के फायदे

खराब कोलेस्ट्रोल को खत्म करने में ये कुमकुम भिंडी फायदेमंद है। इसमें अच्छी मात्रा में पॉलीअनसैचुरेटेड फैट होते हैं।  जो खराब कोलेस्ट्रोल से निजात दिलाते हैं।  इसमें भरपूर आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स भी मौजूद हैं।

ये भिंडी 66 प्रतिशत सोडियम को सोख कर हाई ब्लड प्रेशर को नॉर्मल रखती है। इसे खाने से मेटाबॉलिक सिस्टम भी ठीक रहता है, इसमें विटामिन बी कॉम्प्लेक्स भी अच्छी मात्रा में होता है जिस वजह से डाइजेशन भी प्रॉपर रहता है। ये आयरन की कमी को पूरा कर एऩिमिया भी ठीक करती है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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