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विधानसभा में गूंजा भारत-पाक मैच का विरोध, कांग्रेस विधायक ने की रद्द करने की मांग

Written by:Neha Sharma
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एशिया कप क्रिकेट-2025 अगले महीने सितंबर में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में आयोजित होने जा रहा है। इस दौरान 14 सितंबर को भारत और पाकिस्तान के बीच हाई-वोल्टेज मुकाबला खेला जाना तय है। लेकिन इससे पहले ही इस मैच को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं।
विधानसभा में गूंजा भारत-पाक मैच का विरोध, कांग्रेस विधायक ने की रद्द करने की मांग

एशिया कप क्रिकेट-2025 अगले महीने सितंबर में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में आयोजित होने जा रहा है। इस दौरान 14 सितंबर को भारत और पाकिस्तान के बीच हाई-वोल्टेज मुकाबला खेला जाना तय है। लेकिन इससे पहले ही इस मैच को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। इसकी गूंज बुधवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में भी सुनाई दी। शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायक मलेन्द्र राजन ने इस मुकाबले पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना देश के शहीदों के बलिदान का अपमान है। उन्होंने इस मैच को तुरंत रद्द करने की जोरदार मांग उठाई।

विधानसभा में गूंजा भारत-पाक मैच का विरोध

मलेन्द्र राजन ने सदन में कहा कि बीसीसीआई का भारत-पाक मैच कराने का फैसला देशवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि सीमा पर शहीद हुए जवानों की शहादत के बाद पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह का खेल आयोजन अनुचित है। राजन ने स्पष्ट कहा कि यह मुकाबला देशभावना के विपरीत है और इसे हर हाल में रद्द किया जाना चाहिए। विधानसभा में उन्होंने प्रस्ताव रखा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार और बीसीसीआई को इस संबंध में विरोध पत्र भेजे और मैच न कराने की सिफारिश करे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि मामला राज्य सरकार को भेजा जाएगा।

गौरतलब है कि अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाक संबंधों में तनाव और बढ़ गया था। भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर सख्त जवाब दिया था। इसके बावजूद बीसीसीआई की ओर से भारत-पाक मैच की अनुमति दिए जाने पर देशभर में विरोध हो रहा है। हिमाचल विधानसभा में भी इस पर कड़ा रुख सामने आया। वहीं, शून्यकाल के दौरान अन्य विधायकों ने भी अपने क्षेत्रों से जुड़े मसले उठाए।

नालागढ़ से विधायक हरदीप बावा ने किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के 306 किसानों को फसल का पूरा दाम अब तक नहीं मिला है। कुल 5 करोड़ 98 लाख रुपये में से सिर्फ 2 करोड़ 26 लाख रुपये ही दिए गए हैं और शेष 3 करोड़ 61 लाख रुपये अब भी लंबित हैं। किसानों की फसलें बारिश से पहले ही खराब हो चुकी हैं, ऐसे में भुगतान न मिलना उनके लिए बड़ी समस्या है। वहीं, पांवटा साहिब से विधायक सुखराम चौधरी ने पुरुवाला-अंबोआ-नकेता सड़क की खराब हालत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 20 किलोमीटर लंबी यह सड़क 15 पंचायतों को जोड़ती है और हजारों लोगों की जीवनरेखा है, लेकिन जर्जर हालत में होने के कारण तत्काल सुधार की मांग की गई।