हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में कांग्रेस का संगठनात्मक प्रशिक्षण कैंप 21 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। दरअसल 10 दिन तक चलने वाले इस कैंप में पार्टी के जिला अध्यक्षों और प्रमुख नेताओं को चुनावी रणनीति और संगठन मजबूत करने के तरीके सिखाए जाएंगे। वहीं इस दौरान राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।
दरअसल कांग्रेस का यह प्रशिक्षण शिविर मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जिला अध्यक्षों के लिए आयोजित किया जा रहा है। वहीं पार्टी का मानना है कि जमीनी स्तर पर मजबूत संगठन ही चुनाव जीतने में सबसे अहम भूमिका निभाता है। इसी वजह से इस कैंप में कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति, मतदाताओं से संवाद और संगठनात्मक अनुशासन पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
संगठन मजबूत करने पर जोर
दरअसल पार्टी नेतृत्व का लक्ष्य कांग्रेस को केवल जन समर्थन वाली पार्टी तक सीमित नहीं रखकर एक मजबूत और अनुशासित कैडर आधारित संगठन में बदलना है। बता दें कि इसके लिए प्रशिक्षण कैंप में कार्यकर्ताओं को नियमित दिनचर्या और अनुशासन का महत्व भी समझाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक प्रशिक्षण की शुरुआत सुबह के व्यायाम और फिटनेस सत्र से होगी। वहीं इसके बाद पूरे दिन अलग-अलग विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यशालाओं में संगठन निर्माण, सोशल मीडिया रणनीति, जमीनी स्तर पर संवाद और चुनावी प्रबंधन जैसे विषय शामिल रहेंगे।
बूथ मैनेजमेंट और चुनावी रणनीति पर खास फोकस
वहीं इस दौरान राहुल गांधी जिला अध्यक्षों के साथ सीधे बातचीत करेंगे। साथ ही उनसे उनके इलाके की चुनौतियों और संगठन से जुड़े मुद्दों के बारे में जानकारी लेंगे। वहीं मल्लिकार्जुन खड़गे भी कार्यकर्ताओं को पार्टी की रणनीति और भविष्य की दिशा के बारे में मार्गदर्शन देंगे। कांग्रेस इस प्रशिक्षण कैंप में बूथ स्तर की तैयारी को सबसे ज्यादा महत्व दे रही है। दरअसल पार्टी का कहना है कि चुनाव जीतने के लिए बूथ मैनेजमेंट सबसे अहम कड़ी होती है। इसी वजह से कार्यकर्ताओं को यह बताया जाएगा कि मतदान के दिन किस तरह से मतदाताओं तक पहुंच बनानी है और संगठन की टीम को कैसे सक्रिय रखना है।
इसके अलावा कार्यकर्ताओं को यह भी सिखाया जाएगा कि विरोधी दलों के आरोपों का जवाब तथ्यों और मुद्दों के आधार पर कैसे दिया जाए। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि कार्यकर्ता केवल प्रचार तक सीमित न रहें, बल्कि लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझें और समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।






