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धर्मपुर विधायक चंद्रशेखर ठाकुर ने खोला मोर्चा, हाईवे कंपनी और मोर्थ अधिकारियों के खिलाफ अनशन पर बैठे

Written by:Neha Sharma
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हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह के बाद अब मंडी जिले की धर्मपुर विधानसभा से कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ठाकुर ने भी नेशनल हाईवे निर्माण में लापरवाही को लेकर मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने सोमवार रात से अनशन शुरू कर दिया है और धरने पर बैठ गए हैं।
धर्मपुर विधायक चंद्रशेखर ठाकुर ने खोला मोर्चा, हाईवे कंपनी और मोर्थ अधिकारियों के खिलाफ अनशन पर बैठे

हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह के बाद अब मंडी जिले की धर्मपुर विधानसभा से कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ठाकुर ने भी नेशनल हाईवे निर्माण में लापरवाही को लेकर मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने सोमवार रात से अनशन शुरू कर दिया है और धरने पर बैठ गए हैं। उनका आरोप है कि मंडी-जालंधर नेशनल हाईवे-003 के निर्माण में कंपनी और सड़क एवं परिवहन राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) के अधिकारी लगातार कोताही बरत रहे हैं, जिसका खामियाजा स्थानीय जनता को भुगतना पड़ रहा है। विधायक ने सोमवार रात करीब 10 बजे फेसबुक लाइव आकर भी इन अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए और साफ किया कि जब तक केंद्र सरकार हस्तक्षेप कर कार्रवाई नहीं करती, वे धरने से नहीं उठेंगे।

विधायक ने बताया कि सोमवार को प्रभावित पंचायतों के दौरे के दौरान वे पाडछू पुल पहुंचे, जहां हाईवे की हालत बेहद खराब मिली। पुल से वाहन गुजरना मुश्किल हो गया था। इस पर उन्होंने कंपनी और मोर्थ अधिकारियों से जवाब मांगा, लेकिन कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली। कुछ देर बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहुंचे, मगर निर्माण कंपनी और मोर्थ के जिम्मेदार तीन घंटे बाद भी मौके पर नहीं आए। यहां तक कि प्रोजेक्ट डायरेक्टर को थाने में बुलाने के बाद भी पांच घंटे तक वे नहीं पहुंचे। इससे नाराज होकर विधायक ने जनता की समस्याओं को देखते हुए धरने पर बैठने का निर्णय लिया।

चंद्रशेखर ठाकुर अनशन पर बैठे

चंद्रशेखर ठाकुर ने कहा कि पिछले चार सालों से जनता को कछुए की चाल से चल रहे काम का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। गलत निर्माण तकनीक के कारण कई मकानों में दरारें आ गईं और कंपनी द्वारा लगाए गए अधिकांश डंगे धराशायी हो गए हैं। इससे न सिर्फ हाईवे बल्कि लिंक सड़कें भी खराब हो गई हैं। विधायक का कहना है कि सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के धर्मपुर दौरे के दौरान भी मोर्थ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के निर्देशों को नजरअंदाज किया था। उन्होंने इसे महात्मा गांधी की तरह सत्याग्रह की लड़ाई बताते हुए कहा कि पूर्ण समाधान होने तक वे एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे। विधायक ने यहां तक कहा कि जनता से जुड़े काम बाधित न हों, इसके लिए वे धरनास्थल अवाहदेवी चौक से ही कार्यालय चलाएंगे।

धर्मपुर विधानसभा हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में आता है, जहां से पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग ठाकुर का घर अवाहदेवी से महज तीन किलोमीटर दूर समीरपुर में स्थित है। हाल ही में आपदा के दौरान जब अनुराग ठाकुर ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था, तब स्थानीय जनता ने उनसे अपनी शिकायतें साझा की थीं। उस समय अनुराग ठाकुर ने मौके पर ही प्रोजेक्ट डायरेक्टर को फटकार लगाई थी। धर्मपुर विधायक ने हाल ही में संपन्न मानसून सत्र में भी इस मुद्दे को सदन में प्रमुखता से उठाया था। मजदूर संगठन सीटू से जुड़े माकपा नेता, समाजसेवी और अन्य विधायक भी इस समस्या को केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा चुके हैं, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। स्थानीय जनता की बढ़ती नाराजगी ने सरकार और कंपनी दोनों पर दबाव बढ़ा दिया है।

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