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ईडी ने इंपीरियल ग्रुप चेयरमैन मनविंदर सिंह के ठिकानों पर छापा, विदेशी संपत्तियों और नकदी का चला पता

Written by:Neha Sharma
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंपीरियल ग्रुप के चेयरमैन मनविंदर सिंह, उनकी पत्नी सगरी सिंह और ग्रुप से जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर छापे मारे। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के नालदेहरा समेत छह ठिकानों पर हुई।
ईडी ने इंपीरियल ग्रुप चेयरमैन मनविंदर सिंह के ठिकानों पर छापा, विदेशी संपत्तियों और नकदी का चला पता

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 19 और 20 सितंबर को इंपीरियल ग्रुप के चेयरमैन मनविंदर सिंह, उनकी पत्नी सगरी सिंह और ग्रुप से जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर छापे मारे। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के नालदेहरा समेत छह ठिकानों पर हुई। जांच में पता चला कि मनविंदर और उनकी पत्नी ने सिंगापुर, दुबई, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड और थाईलैंड में कई कंपनियों और संपत्तियों में बेनामी निवेश कर रखा है। इन संपत्तियों की कुल कीमत 80 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।

ईडी ने दावा किया कि उसे सिंगापुर की कंपनी एरोस्टार वेंचर पीटीई लिमिटेड और दुबई की कंपनी यूनाइटेड एरोस्पेस डीडब्ल्यूसी एलएलसी में मनविंदर और सगरी सिंह की हिस्सेदारी का पता चला। दुबई की कंपनी के माध्यम से करोड़ों रुपये के लेन-देन, असुरक्षित लोन और करोड़ों रुपये के वेतन भुगतान का भी खुलासा हुआ। एजेंसी ने बताया कि मई में इस कंपनी ने 7 करोड़ रुपये मूल्य का हेलिकॉप्टर (रॉबिन्सन 66) खरीदा, जिसे हांगकांग की एक अज्ञात कंपनी से बिना गारंटी वाला लोन लेकर भारत लाया गया। यह हेलिकॉप्टर नालदेहरा स्थित ऑरमह वैली आवासीय परियोजना में उपयोग के लिए था।

मनविंदर सिंह के ठिकानों पर छापा

जांच में यह भी पता चला कि नालदेहरा परियोजना के फ्लैटों के लिए लगभग 29 करोड़ रुपये नकद में लिए गए थे। इन पैसों को हवाला नेटवर्क और अन्य माध्यमों के जरिए विदेश भेजा गया, जहां से इन्हें संपत्तियों में निवेश या फिर भारत वापस लाया गया। इसके अलावा, प्रमोटर थाईलैंड के कोह समुई में 16 करोड़ रुपये कीमत वाले विला के मालिक हैं। यह खुलासा ईडी की जांच में आया है और इससे उनके विदेशी लेन-देन की व्यापक जानकारी मिली है।

तलाशी अभियान के दौरान एजेंसी ने 50 लाख रुपये भारतीय मुद्रा (जिसमें पुराने 500 रुपये के नोट शामिल हैं) और 14,700 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा जब्त की। इसके अलावा मनविंदर, उनकी पत्नी और इंपीरियल ग्रुप से जुड़े रिकॉर्ड भी जब्त किए गए और तीन लॉकर सील कर दिए गए। एजेंसी ने कहा कि यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा और बेनामी संपत्ति मामलों में जांच को आगे बढ़ाने के लिए की गई है।