हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों हलचल तेज है। आगामी निकाय चुनावों को लेकर प्रदेशभर में सरगर्मी बढ़ गई है, जहां 449 महत्वपूर्ण पदों के लिए कुल 1426 दावेदारों ने अपनी किस्मत आजमाने के लिए नामांकन दाखिल किए हैं। यह आंकड़ा अंतिम दिन हुए 721 नामांकनों के साथ सामने आया है, जो चुनावी रण में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।
इन चुनावों में कांगड़ा जिले से सबसे अधिक दावेदारों ने अपनी दावेदारी पेश की है। यहां तीन दिनों के भीतर कुल 269 उम्मीदवारों ने नामांकन भरे हैं, जो जिले में चुनावी उत्साह को स्पष्ट रूप से परिलक्षित करता है। अन्य जिलों की बात करें तो मंडी में 214, शिमला में 167, बिलासपुर में 96, चंबा में 113, हमीरपुर में 55, कुल्लू में 125, सिरमौर में 92, सोलन में 158 और ऊना जिले में 137 दावेदारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। ये आंकड़े प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय चुनावों के प्रति लोगों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाते हैं।
इस बार कुल 51 नगर निकायों में चुनाव होने जा रहे
राज्य में इस बार कुल 51 नगर निकायों में चुनाव होने जा रहे हैं। इनमें चार महत्वपूर्ण नगर निगमों के साथ-साथ 25 नगर परिषदें और 22 नगर पंचायतें शामिल हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब अगला महत्वपूर्ण चरण नामांकन पत्रों की छंटनी का है। यह प्रक्रिया परसों यानी 4 अप्रैल को सुबह 10 बजे से शुरू होगी, जहां उम्मीदवारों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाएगी। इसके बाद, यदि कोई इच्छुक उम्मीदवार अपना नाम वापस लेना चाहता है, तो उसके लिए 6 अप्रैल को दोपहर तीन बजे तक का समय निर्धारित किया गया है।
चुनाव परिणाम मतदान वाले दिन घोषित किए जाएंगे
मतदान की तारीख 17 मई तय की गई है, जब प्रदेश के लाखों मतदाता अपने जनप्रतिनिधियों का चुनाव करने के लिए मतदान केंद्रों पर पहुंचेंगे। चुनाव परिणामों की घोषणा भी अलग-अलग तिथियों पर होगी। नगर पंचायत और नगर परिषद के चुनाव परिणाम मतदान वाले दिन यानी 17 मई को ही घोषित कर दिए जाएंगे, जिससे तुरंत ही तस्वीर साफ हो जाएगी। हालांकि, नगर निगमों के नतीजों के लिए मतदाताओं और उम्मीदवारों को थोड़ा और इंतजार करना होगा, क्योंकि इनके परिणाम 31 मई को घोषित किए जाएंगे।
इस बार 1808 युवा मतदाता
इन चुनावों में कुल 3 लाख 60 हजार 859 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 1 लाख 80 हजार 963 पुरुष मतदाता शामिल हैं, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 1 लाख 79 हजार 882 है। इसके अतिरिक्त, 14 अन्य मतदाता भी इस चुनावी प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। एक खास बात यह भी है कि इस बार 1808 ऐसे युवा मतदाता हैं, जिन्होंने हाल ही में 18 वर्ष की आयु पूरी की है और वे पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। यह युवा भागीदारी चुनावों में नई ऊर्जा का संचार करेगी।
प्रदेश में इन नगर निगम चुनावों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, और इन्हें सत्ता का सेमीफाइनल कहा जा रहा है। इसका मुख्य कारण यह है कि नगर निगम चुनाव पार्टी चिन्हों पर लड़े जाते हैं, जिससे यह सीधे तौर पर राजनीतिक दलों की लोकप्रियता और जमीनी पकड़ का आकलन करते हैं। यही वजह है कि प्रदेशवासियों की नजरें विशेष तौर पर नगर निगम चुनावों पर टिकी हुई हैं। ये चुनाव साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले सत्ता के समीकरणों को परखने का एक बड़ा अवसर प्रदान करते हैं। इसी महत्व को समझते हुए, सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी भाजपा दोनों ही प्रमुख दल इन चुनावों में अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। दोनों ही पार्टियां इन चुनावों में जीत हासिल कर विधानसभा चुनावों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करना चाहती हैं, जिससे आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में और भी गहमागहमी देखने को मिलेगी।






