करवा चौथ पर पुरुषों को भी मिलेगी छुट्टी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का बड़ा ऐलान

बदलते समय के साथ करवा चौथ की परंपराओं में भी बदलाव आया है। अब कई पुरुष भी अपनी पत्नी के साथ व्रत रखते हैं। ऐसे में छुट्टी का यह फैसला उन दंपत्तियों के लिए खास है, जो त्योहार के दिन एक-दूसरे के साथ समय बिताना चाहते हैं।
Karwa Chauth Holiday

Karwa Chauth Holiday

हिमाचल प्रदेश में इस बार करवा चौथ का त्योहार महिलाओं के साथ पुरुषों के लिए भी खास होने वाला है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने करवा चौथ के अवसर पर पुरुषों को भी छुट्टी देने की घोषणा की है। इस तरह अब 29 अक्टूबर को प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश रहेगा।

अब तक राज्य में करवा चौथ के अवसर पर महिला कर्मचारियों को ही विशेष अवकाश मिलता था। सरकार के इस फैसले से पुरुषों को भी त्योहार के दिन छुट्टी का लाभ मिलेगा। इस घोषणा के बाद इस बार करवा चौथ पर सिर्फ महिलाएं ही नहीं, पुरुष भी अपने परिवार के साथ त्योहार मना सकेंगे।

पुरुषों के लिए भी छुट्टी, सरकारी कार्यालयों में रहेगा अवकाश

हिमाचल प्रदेश सरकार की वर्ष 2026 की मूल अवकाश सूची में करवा चौथ को महिला कर्मचारियों के लिए राजपत्रित अवकाश के रूप में शामिल किया गया था। इस सूची के अनुसार, 29 अक्टूबर को करवा चौथ, 28 अगस्त को रक्षाबंधन और 11 नवंबर को भाई दूज के अवसर पर महिला कर्मचारियों के लिए अवकाश निर्धारित था। अब मुख्यमंत्री की ताजा घोषणा के बाद करवा चौथ पर पुरुषों को भी छुट्टी देने का फैसला सामने आया है।

करवा चौथ इस वर्ष 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पुरुष कर्मचारियों को छुट्टी देने की घोषणा के बाद प्रदेश के सरकारी कार्यालयों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य के सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों तथा कॉलेजों में भी छुट्टी रहेगी।

अब पति भी रहेंगे घर पर, साथ मिलकर मना सकेंगे त्योहार

करवा चौथ पर छुट्टी का मतलब सिर्फ काम से एक दिन की राहत नहीं, बल्कि परिवार के साथ त्योहार मनाने का अतिरिक्त समय भी है। आमतौर पर इस दिन महिलाएं सुबह से ही व्रत और पूजा की तैयारियों में जुट जाती हैं। बाजारों में खरीदारी, मेहंदी लगवाने और पूजा की सामग्री जुटाने से लेकर शाम को चांद निकलने तक कई तरह की तैयारियां चलती रहती हैं। ऐसे में पुरुषों को भी छुट्टी मिलने से परिवारों को इन तैयारियों में साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।

बदलते समय के साथ करवा चौथ मनाने के तौर-तरीकों में भी बदलाव आया है। अब कई पुरुष भी अपनी पत्नियों के साथ व्रत रखते हैं और उनके साथ चांद देखने के बाद ही व्रत खोलते हैं। ऐसे में पुरुषों को छुट्टी मिलने से उन्हें भी व्रत की तैयारियों में शामिल होने और अपनी पत्नी के साथ पूरा दिन बिताने का मौका मिलेगा। नौकरीपेशा दंपतियों के लिए त्योहार के दिन छुट्टी का तालमेल बैठाना कई बार मुश्किल हो जाता है। जहां एक ओर महिलाएं व्रत रखती हैं, वहीं पुरुषों को काम के सिलसिले में घर से बाहर रहना पड़ सकता है। अब दोनों को छुट्टी मिलने से इस परेशानी में कुछ राहत मिलेगी।

कैसे मनाते हैं करवा चौथ 

करवा चौथ उत्तर भारत में प्रमुखता से मनाया जाने वाला त्योहार है। इस दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। सुबह सूर्योदय से पहले सरगी खाने के बाद व्रत शुरू होता है, जो चंद्रमा के दर्शन करने और पूजा के बाद खोला जाता है। दिनभर अन्न और जल का त्याग करने के कारण इस व्रत को कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। शाम को महिलाएं अच्छे से श्रृंगार कर करवा चौथ की पूजा करती हैं और चंद्रमा निकलने का इंतजार करती हैं। चंद्र दर्शन के बाद अर्घ्य देकर पति के हाथों जल ग्रहण करने के साथ व्रत पूरा किया जाता है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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