
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सोमवार को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान पर चर्चा के दौरान नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार को कड़ी घेराबंदी में लिया। उन्होंने कहा कि सराज क्षेत्र में एक हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, लेकिन कांग्रेस सरकार ने राहत कार्यों के लिए महज दो करोड़ रुपये दिए। जयराम ने आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में कुछ नेताओं ने आपदा को अवसर बना लिया। डेढ़ माह बीत जाने के बावजूद प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी और सड़कें ठप हैं, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
आपदा पर सदन में सियासी घमासान
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा और सामाजिक संगठनों द्वारा भेजी गई राहत सामग्री को भी सरकार ने अपने कब्जे में लेने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से संरक्षित अधिकारियों ने नाकों पर रोक लगाकर राहत सामग्री को एसडीएम और तहसीलदार को देने के लिए दबाव बनाया। ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि हेलीकॉप्टर से भेजा गया राशन सीधे मुख्यमंत्री के चहेते कांग्रेसी नेता के घर पहुंचा। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने 20 से ज्यादा जेसीबी मशीनें लगाकर रास्ते खोले, जबकि सरकार केवल गिनती बताने में लगी रही।
नेता विपक्ष ने सवाल उठाया कि सरकार यह बताती है कि कितनी मशीनें लगाई गईं, लेकिन असली सवाल यह है कि कितनी मशीनें लगाई जानी चाहिए थीं ताकि रास्ते समय पर खुल जाते। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता अब उन्हीं रास्तों का काम निकालकर टेंडर अपने नाम पर बनवाने और पैसा हड़पने की कोशिश कर रहे हैं। जयराम ने कहा कि अपात्र लोगों को भी राहत राशि दी गई और कुछ अफसर सरकार को गुमराह कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार से मिली धनराशि का दुरुपयोग हो रहा है।
जयराम ठाकुर ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्हें और पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल को भी काले झंडे दिखाए गए थे, लेकिन उनकी सरकारों ने कभी एफआईआर दर्ज नहीं की। वर्तमान सरकार की सोच निम्न स्तर तक पहुंच गई है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया पर भी तंज कसा, जिन्होंने हाल ही में एक पुल टूटने पर मुख्यमंत्री को वीडियो कॉल कर दस लाख रुपये की घोषणा करवा दी थी। जयराम ने व्यंग्य किया कि अगर ऐसे ही वीडियो कॉल पर पैसा जारी होता है, तो वे भी कॉल कर देंगे। उनके इस बयान पर सदन में ठहाके गूंज उठे।
