पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंडी के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान वह अपनी विधानसभा क्षेत्र बालीचौकी भी पहुंचे, जहां पिछले दो दिनों से लगातार हुई भारी बारिश ने कहर बरपाया। बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं से दर्जनों घर बह गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश इस वक्त आपदा की चपेट में है और स्थिति बेहद चिंताजनक है। किन्नौर, लाहुल-स्पीति, कुल्लू, मंडी, चंबा, बिलासपुर और ऊना जिलों में भारी तबाही हुई है। जयराम ठाकुर ने मौके पर राहत सामग्री और नकद राशि बांटते हुए लोगों से अपील की कि वे मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
जयराम ठाकुर ने प्रभावितों से की मुलाकात
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हजारों लोग आपदा से प्रभावित हैं। कई परिवारों के घर, खेत और बाग बह गए हैं, तो कहीं फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित होकर रिश्तेदारों या किराए के मकानों में शरण लेने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि राहत और पुनर्वास कार्य में तेजी लाई जाए। साथ ही प्रदेशवासियों को चेताया कि नदी, नालों और खड्डों जैसे असुरक्षित इलाकों से दूरी बनाए रखें, जब तक मौसम सामान्य न हो जाए।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों को तत्काल सहायता मिलनी चाहिए और राज्य सरकार को इसमें कोई ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि प्रभावित परिवारों को ज्यादा से ज्यादा राहत मुहैया कराई जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे को विधानसभा में जोर-शोर से उठाया जाएगा। आपदा के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए उन्होंने नई नीतियां बनाने और उनके क्रियान्वयन पर जोर दिया, ताकि भविष्य में लोगों की जान-माल की हानि को कम किया जा सके।
दौरे के दौरान जयराम ठाकुर ने 150 से अधिक कंबल, गद्दे, तिरपाल, राशन और बर्तन की किट्स वितरित कीं। साथ ही उन्होंने अपने घर, दुकान और पशुशाला गंवाने वाले 48 परिवारों को नकद आर्थिक सहायता भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह समय राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर आपसी सहयोग और संवेदनशीलता दिखाने का है, ताकि हर प्रभावित परिवार को राहत और सहारा मिल सके।





