हिमाचल प्रदेश में भूकंप के जोरदार झटके किए गए महसूस, घरों से बाहर निकले लोग

शुक्रवार रात हिमाचल प्रदेश में भूकंप के जोरदार झटकों से धरती हिल गई। दरअसल रिक्टर स्केल पर 4.3 तीव्रता दर्ज की गई है। वहीं दहशत में लोग घरों से बाहर निकल गए।
हिमाचल प्रदेश में भूकंप के जोरदार झटके किए गए महसूस, घरों से बाहर निकले लोग

आधी रात से ठीक पहले आए भूकंप के झटकों ने हिमाचल प्रदेश को हिला दिया। दरअसल शुक्रवार रात दस बजकर चार मिनट पर धरती जोरदार तरीके से कांप उठी। इस अचानक हुए कंपन से समूचे राज्य में दहशत का माहौल बन गया। घरों में बैठे लोग एकाएक महसूस हुए इन झटकों से सहम गए। लोगों को समझ नहीं आया कि आखिर हो क्या रहा है। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.3 दर्ज की गई है, जो मध्यम श्रेणी का भूकंप माना जाता है लेकिन इसके झटके इतने तेज थे कि लोगों को अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकलना पड़ा।

दरअसल भूकंप का केंद्र धर्मशाला से करीब अठारह किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। यह केंद्र जमीन के भीतर काफी गहराई में होने के कारण झटके का असर दूर-दूर तक महसूस किया गया। कांगड़ा, चंबा, धर्मशाला, कुल्लू, शिमला जैसे प्रमुख शहरों से लेकर हिमाचल प्रदेश के लगभग सभी जिलों और उनके आसपास के ग्रामीण इलाकों तक में इन झटकों ने लोगों को भयभीत कर दिया। लोग अपने-अपने घरों से निकलकर खुले मैदानों और सड़कों पर आ गए। बच्चों को गोद में उठाए माता-पिता, बुजुर्गों को सहारा देते युवा, सभी में एक ही डर था कहीं कोई बड़ा हादसा न हो जाए। घरों की दीवारें हिलने लगी थीं, छतें चरमराने का आभास दे रही थीं।

काफी देर तक घरों में वापस जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए

वहीं दहशत का यह आलम देर तक बना रहा। लोग काफी देर तक घरों में वापस जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति पर नजर रखनी शुरू की। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई है। हालांकि, भूकंप के बाद लोगों में चिंता और भय का माहौल जरूर बना रहा। संबंधित एजेंसियां विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रही हैं ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना से निपटा जा सके।

पहली बार नहीं है जब हिमाचल प्रदेश में भूकंप के झटके महसूस किए गए

दरअसल यह कोई पहली बार नहीं है जब हिमाचल प्रदेश में भूकंप के झटके महसूस किए गए हों। विशेषकर कांगड़ा क्षेत्र, भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। यह इलाका उच्च भूकंप जोखिम वाले क्षेत्रों की श्रेणी में आता है। इतिहास गवाह है कि धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में समय-समय पर हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहे हैं। इस बार भी भूकंप का जोरदार झटका लगभग पूरे हिमाचल प्रदेश में एक साथ महसूस किया गया, जिससे इसकी गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। भूगर्भ वैज्ञानिकों का मानना है कि इस क्षेत्र में प्लेटों का टकराव लगातार होता रहता है, जो भूकंप का कारण बनता है।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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