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हिमाचल प्रदेश के डिग्री कॉलेज नहीं होंगे मर्ज, अब शुरू होंगे रोजगारोन्मुखी कोर्स

Written by:Neha Sharma
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के डिग्री कॉलेजों को मर्ज न करने का बड़ा फैसला लिया है। मंगलवार को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में हुई विभागीय बैठक में यह निर्णय लिया गया।
हिमाचल प्रदेश के डिग्री कॉलेज नहीं होंगे मर्ज, अब शुरू होंगे रोजगारोन्मुखी कोर्स

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के डिग्री कॉलेजों को मर्जकरने का बड़ा फैसला लिया हैमंगलवार को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में हुई विभागीय बैठक में यह निर्णय लिया गयासरकार ने यह कदम विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया हैबैठक में तय किया गया कि विद्यार्थियों की घटती संख्या के बावजूद किसी भी कॉलेज को बंद या किसी अन्य संस्थान में मर्ज नहीं किया जाएगाइसके बजाय सरकार इन कॉलेजों को सशक्त बनाने के लिए प्रोफेशनल और रोजगारोन्मुखी कोर्स शुरू करने की दिशा में काम करेगी

राज्य के डिग्री कॉलेज नहीं होंगे मर्ज

फरवरी 2025 में शिक्षा विभाग ने ऐसे 16 कॉलेजों को मर्ज करने का प्रस्ताव तैयार किया था, जहां विद्यार्थियों की संख्या 100 से भी कम रह गई थीइनमें भलेई, कुपवी, कुकुमसेरी, टिक्कर, शिवनगर, चिंतपूर्णी, रोनहाट, हरिपुर गुलेर, रामशहर, कोटली, पझोता, ननखड़ी, सुग भटोली, थाची, संधोल और जयनगर कॉलेज शामिल थेप्रस्ताव के मुताबिक इन कॉलेजों को नजदीकी बड़े कॉलेजों में मिलाने की योजना थीअब सरकार ने योजना पर पुनर्विचार करते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी कॉलेज को बंद नहीं किया जाएगा

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार कॉलेजों को आत्मनिर्भर और उपयोगी बनाने के लिए उनमें चार वर्षीय और प्रोफेशनल कोर्स शुरू करने की योजना पर काम करेगीइनमें बीएड, बीबीए, बीसीए, पर्यटन प्रबंधन, फार्मा, एग्रीकल्चर साइंस, आईटी और हेल्थ सेक्टर से जुड़े कोर्स शामिल होंगेउन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाए ताकि 2026 के अकादमिक सत्र से कुछ नए कोर्स शुरू किए जा सकें

बैठक में लिए गए ये फैसले

बैठक में यह भी तय हुआ कि पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित छोटे कॉलेज स्थानीय युवाओं के लिए उच्च शिक्षा का प्रमुख माध्यम हैंइन्हें बंद करने से स्थानीय छात्रों, विशेष रूप से लड़कियों, को शिक्षा से वंचित होना पड़ सकता हैइसलिए सरकार ऐसे कॉलेजों में स्थानीय मांग के अनुसार नए कोर्स शुरू कर उन्हें पुनर्जीवित करेगीसाथ ही शिक्षकों की कमी पूरी करने, इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधारने और डिजिटल शिक्षण साधनों को बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए

बैठक के दौरान स्कूल प्रिंसिपलों की पदोन्नति के मुद्दे और 26 नवंबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र को लेकर विभागीय तैयारियों की समीक्षा भी की गईबैठक में स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे

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