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कर्मचारियों के दबाव में सुक्खू सरकार का यू-टर्न, पे-स्केल नोटिफिकेशन होगा रद्द

Written by:Neha Sharma
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हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के पे-स्केल से जुड़ी नोटिफिकेशन को वापस लेने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में ऐलान करते हुए कहा कि वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना को रद्द किया जाएगा।
कर्मचारियों के दबाव में सुक्खू सरकार का यू-टर्न, पे-स्केल नोटिफिकेशन होगा रद्द

हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के पे-स्केल से जुड़ी नोटिफिकेशन को वापस लेने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में ऐलान करते हुए कहा कि वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना को रद्द किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि यह नोटिफिकेशन गलती से जारी हो गई थी और इसका प्रभाव मौजूदा कर्मचारियों पर नहीं पड़ेगा। सीएम ने स्पष्ट किया कि फिलहाल नई भर्तियों पर इसे लागू करने पर विचार किया जाएगा। इस फैसले से मौजूदा कर्मचारियों और युवाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

सीएम सुक्खू ने शिमला के पीटरऑफ होटल में एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकारी कर्मचारियों को दिया गया पैसा वापस नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक बार जो वेतन दे दिया गया है, उसे वापस लेने का कोई सवाल ही नहीं है। मुख्यमंत्री ने आगे जानकारी दी कि वह 9 सितंबर को दिल्ली जाएंगे और 11 सितंबर को वित्त आयोग के साथ बैठक में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वह तीसरी बार हिमाचल प्रदेश की वित्तीय परिस्थितियों को आयोग के समक्ष रखेंगे।

पे-स्केल नोटिफिकेशन होगा रद्द

इसी बीच, हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर सहित अन्य प्रतिनिधियों ने सोमवार को शिमला में पीटरऑफ में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। प्रदीप ठाकुर ने बताया कि सीएम ने उन्हें आश्वासन दिया है कि विवादित आदेश वापस ले लिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार यह फैसला वापस नहीं लेती तो कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ता। ऐसे में सीएम के ऐलान से कर्मचारियों की नाराजगी काफी हद तक शांत हो गई है।

दरअसल, हाल ही में सरकार ने 2022 में सरकारी कर्मचारियों की वेतन बढ़ोतरी को रद्द करने के आदेश जारी किए थे। नोटिफिकेशन के अनुसार, 2022 में लागू बढ़ी हुई सैलरी अब आगे नहीं दी जानी थी, हालांकि पिछले तीन साल में दी गई बढ़ोतरी को वापस नहीं लिया जाना था। इसके अलावा, 89 वर्गों की नौकरियों पर भी यह आदेश लागू होना था, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में 10 से 15 हजार रुपये तक की कटौती हो सकती थी। कर्मचारियों के कड़े विरोध के बाद सरकार दवाब में आई और अब नोटिफिकेशन को रद्द करने का ऐलान करना पड़ा है।

Neha Sharma
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