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सुरक्षित आवास हर नागरिक का सामाजिक अधिकार – मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, कहा – ‘हर परिवार को मिलेगा पक्का मकान’

Written by:Rishabh Namdev
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मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जो परिवार अभी भी कच्चे मकानों में रह रहे हैं, उन्हें पक्के मकानों की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। सुरक्षित आवास केवल एक बुनियादी आवश्यकता नहीं, बल्कि हर नागरिक का सामाजिक अधिकार है।
सुरक्षित आवास हर नागरिक का सामाजिक अधिकार – मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, कहा – ‘हर परिवार को मिलेगा पक्का मकान’

आज शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पंचायती राज विभाग की रिव्यू मीटिंग ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के गरीब परिवारों को पक्के मकानों की सुविधा उपलब्ध करवाने का वादा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो गरीब परिवार अभी भी कच्चे मकानों में रह रहे हैं, उन्हें पक्के मकानों की सुविधा दी जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि ‘सुरक्षित आवास प्रत्येक नागरिक का सामाजिक अधिकार है और सरकार इसे सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है।’

मुख्यमंत्री ने इस दौरान जानकारी दी कि अति निर्धन परिवारों के चयन के लिए किए गए सर्वेक्षण के प्रथम चरण में कुल 27,715 परिवारों का चयन किया गया है। जिन परिवारों का चयन किया गया है, वे पिछले 20 वर्षों से आईआरडीपी में शामिल थे, लेकिन अब तक उन्हें पक्का मकान नहीं मिल सका था।

सरकार की ओर से किया गया सर्वेक्षण

जानकारी दे दें कि सरकार की ओर से पक्के मकान के लिए प्रथम चरण के सर्वेक्षण में आय सीमा ₹50,000 निर्धारित की गई थी, लेकिन इसमें ऐसे परिवारों को शामिल नहीं किया गया था जिनके पास पहले से पक्का मकान उपलब्ध था। वहीं द्वितीय चरण में अब उन परिवारों को शामिल किया गया है जिनके पास पहले से पक्का मकान है। इसके चलते सर्वे के बाद 35,355 अतिरिक्त परिवार अति निर्धन श्रेणी में जोड़े गए हैं, जिससे सुविधा पाने वाले परिवारों की संख्या अब 63,070 हो गई है। वहीं तीसरे चरण में अति निर्धन परिवारों की श्रेणी में अनाथ, दिव्यांग और विधवाओं को भी जोड़ा जाएगा, जिससे कुल संख्या और बढ़ जाएगी।

जानिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने क्या कहा? 

वहीं इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायती राज विभाग को और मजबूत करने के लिए रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरेगी। पंचायतों में जूनियर इंजीनियर के पद भी भरे जाएंगे। वर्तमान सरकार सामाजिक अधिकारिकता को प्राथमिकता दे रही है। दरअसल सर्वेक्षण का दौर केवल तीन चरणों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें चौथा और पांचवां चरण भी शामिल किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्र परिवारों को सूची में शामिल किया जा सके। यही उद्देश्य सरकार की ओर से रखा गया है। मुख्यमंत्री का साफ निर्देश है कि कोई भी पात्र परिवार इससे वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विभिन्न योजनाओं की प्रगति की नियमित तौर पर समीक्षा की जाए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

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Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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