हरिपुरधार में हुए दर्दनाक बस हादसे के बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) अशोक तिवारी ने प्रदेश के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (SP) को निर्देश जारी किए हैं कि अब सरकारी और निजी बसों द्वारा यातायात नियमों का गंभीर उल्लंघन करने पर सीधे FIR दर्ज की जाए। इसके लिए पूरे प्रदेश में एक विशेष चेकिंग अभियान चलाने को कहा गया है।
इस नए निर्देश का उद्देश्य बस चालकों और परिचालकों की जवाबदेही तय करना है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस मुख्यालय ने साफ किया है कि नियमों की अनदेखी को अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इन मामलों में दर्ज होगी FIR
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, कई गंभीर चूकों को FIR का आधार माना जाएगा। इनमें ओवर स्पीड, क्षमता से अधिक सवारियां बैठाना (ओवरलोडिंग), खतरनाक मोड़ों पर लापरवाही से बस चलाना, और नशे की हालत में वाहन चलाना प्रमुख हैं।
इसके अलावा, तकनीकी खामियों के बावजूद बसों का संचालन करने और बिना वैध दस्तावेजों के बस चलाने पर भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में चलने वाली बसों पर विशेष नजर रखी जाएगी, जहां उनकी फिटनेस, ब्रेक सिस्टम और इमरजेंसी उपकरणों की गहनता से जांच होगी।
मोटर वाहन अधिनियम और BNS के तहत कार्रवाई
यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करेगी। यदि एक ही वाहन में एक से अधिक अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो उसे जब्त भी किया जा सकता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत भी केस दर्ज किए जाएंगे। इनमें धारा 281 (लापरवाही से वाहन चलाना), धारा 106 (लापरवाही से मृत्यु का कारण बनना) और धारा 125/125ए शामिल हैं, जो पहले भारतीय दंड संहिता (IPC) का हिस्सा थीं।
DGP ने की जनता से सहयोग की अपील
पुलिस मुख्यालय ने लंबी दूरी की और दुर्गम इलाकों में चलने वाली बसों की निगरानी के लिए विशेष निर्देश दिए हैं। इस अभियान की सफलता के लिए आम जनता से भी सहयोग मांगा गया है।
“यदि कहीं भी यातायात नियमों का उल्लंघन होता दिखे, तो आम नागरिक तुरंत पुलिस को सूचना दें। आपकी एक सूचना किसी बड़े हादसे को टाल सकती है।” — अशोक तिवारी, पुलिस महानिदेशक, हिमाचल प्रदेश
DGP ने कहा कि समय पर मिली जानकारी से पुलिस को कार्रवाई करने और हादसों को रोकने में मदद मिलेगी। इस पहल का लक्ष्य प्रदेश में सड़क यात्रा को सुरक्षित बनाना है।





