भारी बारिश से हिमाचल में तबाही, सीएम सुक्खू ने राहत कार्यों की समीक्षा की

हिमाचल प्रदेश में बीते 48 घंटों के दौरान भारी बारिश ने व्यापक नुकसान पहुंचाया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को शिमला में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए हालात की समीक्षा की।
भारी बारिश से हिमाचल में तबाही, सीएम सुक्खू ने राहत कार्यों की समीक्षा की

हिमाचल प्रदेश में बीते 48 घंटों के दौरान भारी बारिश ने व्यापक नुकसान पहुंचाया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को शिमला में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए हालात की समीक्षा की। उन्होंने प्राकृतिक आपदा से हुई जान-माल की क्षति पर गहरी चिंता जताई और अधिकारियों को प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बीते दो दिनों में पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें तीन जिला मंडी के निहारी और दो पंडोह मोहाल सुमा क्षेत्र से संबंधित थे। इसके अलावा, दो लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सितंबर माह में राज्य में सामान्य से 136 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि पूरे मॉनसून सीजन के दौरान यह औसत से 45 प्रतिशत ज्यादा रही। उन्होंने कहा कि इस मानसून में अब तक 417 लोगों की मौत हो चुकी है और 45 लोग लापता हैं। भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन के चलते राज्य को अब तक 4,582 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। इस अवधि में 15,022 संरचनात्मक क्षति दर्ज की गई है, जिनमें 1,502 घर पूरी तरह और 6,467 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 6,316 गोशालाएं और 594 दुकानें भी प्रभावित हुई हैं।

सीएम सुक्खू ने राहत कार्यों की समीक्षा की

बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को सतर्क रहने और प्रभावित क्षेत्रों का व्यक्तिगत दौरा कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से विशेषकर सेब उत्पादक इलाकों में सड़क संपर्क जल्द बहाल करने को कहा ताकि बागवानों की फसल समय पर मंडियों तक पहुंच सके और उन्हें आर्थिक नुकसान न झेलना पड़े। सीएम ने बिजली, पानी और अन्य जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता पर बहाल करने के आदेश दिए। साथ ही एचपीएमसी को भी अपने केंद्रों से सेब ढुलाई के लिए अतिरिक्त वाहन लगाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जानकारी दी कि विशेष राहत पैकेज के तहत आपदा में बेघर हुए परिवारों को शहरी क्षेत्रों में 10 हजार रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में पांच हजार रुपये मासिक किराया दिया जा रहा है। सामाजिक दृष्टिकोण से किराया प्रदान करने की शर्तों में ढील देने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग लाभ उठा सकें। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि असुरक्षित भवनों में रह रहे लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए।

बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, उपमुख्य-सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक हरदीप सिंह बावा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार गोकुल बुटेल, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व केके पंत, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल त्रिवेदी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और विभिन्न जिलों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

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