हिमाचल सदन में प्रदर्शनकारियों को पनाह देने पर जयराम ठाकुर भड़के, सुक्खू सरकार पर साजिश रचने का आरोप लगाकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दिल्ली स्थित हिमाचल सदन में AI समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदर्शनकारियों को ठहराने पर सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे देवभूमि की छवि पर धब्बा बताते हुए पूरे मामले की केंद्रीय एजेंसियों से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
हिमाचल सदन में प्रदर्शनकारियों को पनाह देने पर जयराम ठाकुर भड़के, सुक्खू सरकार पर साजिश रचने का आरोप लगाकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की

दिल्ली में हुए AI समिट के दौरान हिमाचल सदन में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शनकारियों को ठहराए जाने की खबरों पर राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है। हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार को घेरते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इसे न केवल सुरक्षा में बड़ी चूक बताया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा करार दिया है।

मंडी से एक प्रेस बयान जारी करते हुए जयराम ठाकुर ने इस घटनाक्रम को बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह विश्वास करना मुश्किल है कि जिस स्थान पर प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं ठहरे हुए थे, वहीं पर असामाजिक तत्वों को हुड़दंग मचाने के लिए कमरे दिए गए। उन्होंने इस मामले की दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों से निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

‘व्यवस्था परिवर्तन’ पर तीखा तंज

जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुक्खू के ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के नारे पर तंज कसते हुए सवाल उठाया कि क्या सरकारी अतिथि गृहों को साजिश का अड्डा बनाना ही उनका व्यवस्था परिवर्तन है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रदर्शनकारियों को न केवल हिमाचल सदन में पनाह दी गई, बल्कि वहां पैसों के अवैध लेन-देन की भी सूचनाएं हैं, जो राज्य की गरिमा को धूमिल करता है।

“सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर सरकारी अतिथि गृह ‘साजिश का अड्डा’ कैसे बन गया? पुलिस जांच में हिमाचल सदन का नाम आना यह दर्शाता है कि सत्ता के संरक्षण में नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं।” — जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष, हिमाचल प्रदेश

उन्होंने इस घटना को कांग्रेस के असली चरित्र का प्रमाण बताते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल देश के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।

किसके इशारे पर मिली पनाह?

नेता प्रतिपक्ष ने सवाल किया कि इन प्रदर्शनकारियों को दिल्ली के इतने संवेदनशील स्थान पर किसके इशारे पर ठहराया गया था। उन्होंने कहा, “बिना किसी ऊंचे रसूख और राजनीतिक संरक्षण के हिमाचल सदन जैसी जगह पर रुकना संभव नहीं है। दिल्ली में इन्हें कौन राजनीतिक संरक्षण दे रहा था, इसका खुलासा होना चाहिए।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद जनता का पैसा उन वकीलों पर खर्च किया जा रहा है जो सरकार के गलत कामों को सही ठहराने के लिए मोटी फीस ले रहे हैं।

सरकार की प्राथमिकताओं पर उठाए सवाल

जयराम ठाकुर ने प्रदेश मंत्रिमंडल के दिल्ली दौरे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू अगर चाहते तो वित्तीय मदद के लिए प्रधानमंत्री से मिल सकते थे, लेकिन वे कांग्रेस हाईकमान और ‘हारे-नकारे’ नेताओं से मार्गदर्शन लेने में व्यस्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी परिवार के दबाव में प्रधानमंत्री की आलोचना करना ही सरकार का एकमात्र काम रह गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देवभूमि हिमाचल की गरिमा को इस तरह से धूमिल नहीं होने दिया जाएगा और सरकार को इस पूरे प्रकरण पर जवाब देना ही होगा।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
Banshika Sharma

कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
Follow Us :GoogleNews