मणिमहेश यात्रा में लंगर लगाने के लिए नहीं लिया जाएगा शुल्क, नई एसओपी बनाएगी सरकार, राजस्व मंत्री ने दी जानकारी

विधानसभा में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने विपक्ष के सवालों का गंभीरता से जवाब दिया। दरअसल राजस्व मंत्री ने अफवाह फैलाने वालों पर कहा कि अगर अगली बार किसी भी तरह की अफवाहें फैलाई जाती हैं तो ऐसे लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही राजस्व मंत्री ने ऐलान किया है कि मणिमहेश यात्रा के लिए सरकार द्वारा नई एसओपी बनाई जाएगी।
मणिमहेश यात्रा

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने चंबा के विधायक नीरज नैय्यर के प्रश्न का जवाब देते हुए विधानसभा में एक अहम जानकारी दी है। दरअसल उन्होंने बताया कि मणिमहेश यात्रा के लिए सरकार द्वारा अब नई एसओपी बनाई जाएगी। इस धार्मिक यात्रा में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए जो संस्थाएं लंगर लगाती हैं उनसे अब कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। चाहे ये संस्थाएं हिमाचल की हों या अन्य प्रदेशों की अब सभी को निशुल्क लंगर लगाने की सुविधा दी जाएगी। जानकारी दें कि इससे पहले इन सभी संस्थाओं से 25,000 रुपए का शुल्क लिया जाता था।

वहीं मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस दौरान विधायक नीरज नय्यर पर निशाना साधते हुए कहा कि आपदा के दौरान कई तरह की अफवाहें उड़ाई गईं और अफवाहें फैलाने वाले भी विपक्षी लोग थे। इस बार सरकार ने अफवाहें फैलाने वालों पर नरमी दिखाई है, लेकिन अगली बार अफवाहें फैलाने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विपक्ष के कई सवालों के जवाब दिए

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस दौरान विपक्ष के कई सवालों के जवाब दिए। उन्होंने विधायक जनक राज के सवाल का भी जवाब दिया। जनक राज के अनुपूरक सवाल पर उत्तर देते हुए जगत सिंह नेगी ने कहा कि जिनके लंगर बह गए हैं उनसे किसी भी तरह के पैसे नहीं लिए जाएंगे। विधानसभा में बोलते हुए जगत सिंह नेगी ने कहा कि अगर केंद्र आपदा के लिए हेलीकॉप्टर की सुविधा देता है तो छड़ी को हेलीकॉप्टर के माध्यम से भेजा जाता है, लेकिन यहां स्थितियां भिन्न थीं और लोगों की मदद के लिए वायुसेना का हेलीकॉप्टर मंगवाने के लिए भी मुख्यमंत्री को रक्षा मंत्री से बात करनी पड़ी थी। पठानकोट से भरमौर जाने वाले नेशनल हाईवे को अब ठीक करने की जरूरत है। इसके लिए सुरंग का निर्माण किया जाना चाहिए।

लंगर लगाने के लिए नहीं लिया जाएगा शुल्क

मणिमहेश यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है। इस दौरान जगह-जगह लंगर लगाए जाते हैं ताकि श्रद्धालुओं को खाने की पूरी व्यवस्था हो सके। लेकिन पहले इसके लिए सरकार द्वारा लंगर लगाने के लिए 25,000 रुपए का शुल्क लिया जाता था, जिसे अब खत्म कर दिया गया है। वहीं, इस यात्रा को लेकर जानकारी देते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि सरकार ने मणिमहेश यात्रा के दौरान 16,000 श्रद्धालुओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया था, जिसके लिए सरकार द्वारा 233 सरकारी बसों का प्रयोग किया गया था। रेस्क्यू ऑपरेशन में दो निजी हेलीकॉप्टर भी लगाए गए थे, जबकि वायुसेना के Mi-17 और चिनूक हेलीकॉप्टर का प्रयोग रेस्क्यू के लिए किया गया था। राजस्व मंत्री के मुताबिक अभी भी वायुसेना का 5 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज बाकी है, हालांकि इसे मंत्रिमंडल की ओर से मंजूरी मिल गई है।

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