
इटारसी, राहुल अग्रवाल| इटारसी के मुख्य चौक चौराहों पर आज कल ऑटो वाले आपको आसानी से दिख जायेगे | जबकि ट्रैफिक पुलिस के नियमो के हिसाब से मुख्य बाजार में ऑटो बालो का आवागमन प्रतिबंधित होता है, पर देखगा कोंन? ट्रैफिक इंचार्ज सहित 8 लोगो का बल ट्रैफिक व्यवस्था बनाने के किये शहर में काम कर रहा है पर ये सिर्फ नाम का ही हैं| क्योंकि असल मे ऐसा कुछ देखने मे नही आता| मुख्य बाजार जयस्तंभ चौक पर आपको चारो ओर पार्किग ही मिलेगी बची कूची कसर ऑटो बाले पूरी करते है। ट्रैफिक अमला चेकिंग के लिये कभी बाजार में नही आता बस हाईवे पर खानापूर्ति की जाती है।
इनका कहना है।
शहर में अतिक्रमण मुहिम चल रही है। इसके बाद हमारा पहला फोकस पार्किंग ही होगा जनप्रतिनिधियों और सामाजिक बंधुओ के साथ बैठक कर इस समस्या का जल्द ही हल निकाला जाएगा


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Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

