हार्वेस्टर से फसल कटवा रहे किसान का हाथ चकरी में आने से हाथ कटकर हुआ अलग, स्थिति गंभीर

हार्वेस्टर से फसल कटवा रहे किसान का हाथ चकरी में आने से हाथ कटकर हुआ अलग, स्थिति गंभीर

इटारसी, राहुल अग्रवाल| हार्वेस्टर और कृषि उपकरणों के उपयोग में जरा सी लापरवाही जान ले सकती है। 15 दिन पहले भी थ्रेसर मशीन में आने से एक महिला की मौत हो गई थी| आज फिर बड़ा हादसा जरा सी लापरवाही से हुआ| जिससे जान जाते जाते बची पर घायल का एक हाथ इस हादसे में कट गया|

घटना बांडा बकतरा की जहाँ हार्वेस्टर से फसल की कटाई करते वक्त हादसे में सुरेश चौहान पिता धनु लाल चौहान का हाथ मशीन की चकरी में आने से कट कर अलग हो गया ज्यादा खून बहने से पहले उसे उपचार मिल गया जिससे उसकी जान बच सकी मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है। घायल को होशंगाबाद के नर्मदा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के मनोज सारंग ने बताया कि जब मरीज को लाया गया तब उसकी हालत बेहद गंभीर थी। खून ज्यादा बह जाने से उसका ऑपरेशन किया गया है। अभी मरीज की हालत चिंताजनक बनी हुई है। कल तक सुधार न होने की स्थिती में भोपाल रेफर किया जा सकता है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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