
Indore News : 10 दिवसीय गणेश उत्सव 1 दिन बाद समाप्त हो रहा है। गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सवा सौ अस्थाई कुंड बनाए जाएंगे। अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन के लिए नगर निगम द्वारा शहर में अलग-अलग क्षेत्र में व्यवस्था की जाती है। इस वर्ष भी नगर निगम द्वारा शहर के सभी प्रमुख क्षेत्र में गणेश विसर्जन के लिए अस्थाई कुंड बनाए जाएंगे। शहर में जल स्रोतो को पीओपी की प्रतिमाओं से बचाने के लिए नगर निगम द्वारा विगत कई वर्षों से यह व्यवस्था की जा रही है।
पूजन में इस्तेमाल होने वाली चीजें
गणेश चतुर्थी का महोत्सव भारत के विभिन्न हिस्सों में उत्सव और धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस महोत्सव के दौरान लोग बड़ी धूमधाम के साथ गणेश मूर्ति की पूजा करते हैं, गाने गाते हैं, नृत्य करते हैं और अपने परिवार और दोस्तों के साथ उत्सव का आनंद लेते हैं। इसके बाद, गणेश मूर्ति को समुद्र या नदी में विसर्जित किया जाता है, जिसे “गणेश विसर्जन” कहा जाता है। इस दौरान लोग धूप, दीपक, फूल और नारियल जैसी चीजें भगवान गणेश के पूजन के लिए प्रयोग करते हैं।
बनाए जाते हैं कुंड
गणेश उत्सव के दौरान बड़े शहरों में आमतौर पर कई स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए विशेष कुंड या तट बनाए जाते हैं, जिन्हें “विसर्जन स्थल” कहा जाता है। ये स्थल लोगों को गणेश मूर्ति को नदी, समुद्र, झील या किसी अन्य जलस्रोत में विसर्जित करने के लिए प्रदान किए जाते हैं।
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

