सिंधिया समर्थक को BJP नेता की खुली चुनौती, ‘महाराज’ पर भी बोला हमला

jyotiraditya scindia

इंदौर।आकाश धोलपुरे।

उपचुनाव की तैयारियों के साथ ही इंदौर जिले की सबसे प्रतिष्ठा पूर्ण मानी जाने वाली सांवेर विधानसभा सीट से आखिरकार बीजेपी नेता प्रेमचंद गुड्डू ने जल संसाधन मंत्री और सिंधिया के करीबी तुलसी सिलावट को चुनौती देने का ऐलान कर दिया है। आज इंदौर में प्रेमचंद गुड्डू ने न केवल तुलसी सिलावट को सांवेर उपचुनाव में हराने का दावा किया। वही गुड्डू ने सिंधिया परिवार पर भी जमकर निशाना साधा।

प्रेमचंद गुड्डू ने आरोप लगाया कि किसानों के मुद्दों पर लगातार सरकारों को चिट्ठियां लिखने वाले सिंधिया आज किसानों से बात करने को तैयार नहीं है ना ही सिलावट किसानों की सुध ले रहे हैं। गुड्डू ने सिंधिया परिवार पर सीधे हमला बोलते हुए कहा स्वतंत्रता संग्राम में महारानी लक्ष्मी बाई को हराने में जिनका योगदान था वह सामंती खुद को जन हितेषी बताकर कांग्रेस को भी धोखा दे चुके हैं ऐसा सिंधिया परिवार के अन्य लोगों ने अपने हितों को साधने के लिए लगातार किया है। कांग्रेस को धोखा देने के बाद सिंधिया और सिलावट को सांवेर की जनता कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि लोगो की सांवेर में लोगो की नाराजगी के चलते सिंधिया और तुलसी की हार सांवेर में तय है जिसके लिए कांग्रेस का कार्यकर्ता एकजुट होकर मैदान संभालने को तैयार है।

बता दे कि प्रेमचंद गुड्डू फिलहाल भाजपा में है लेकिन माना जा रहा है कि सीधे तौर पर सिंधिया और तुलसी सिलावट की मुखालफत करने पर उनके खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई तय है जिसके बाद उनका राजनीतिक रास्ता साफ हो जाएगा।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews