संडे हो या मंडे रोज खाओ अंडे, इंदौर में लॉकडाउन के बीच अंडे का फंडा

संडे हो या मंडे रोज खाओ अंडे, इंदौर में लॉकडाउन के बीच अंडे का फंडा

इंदौर/आकाश धोलपुरे

पहले तरकारी, फिर फल इसके बाद आटा चक्की को छूट और अब लॉक डाउन के दौरान इंदौर में घर घर अंडे भी पहुंचाये जाएंगे। दरअसल, इंदौर में प्रशासन अब ऑनलाइन शॉपिंग एजेंसी के माध्यम से डोर टू डोर अण्डे एवं ड्रेस्ड चिकन पहुंचाना चाहता है, जिसके लिए बकायदा प्रशासन ने अनुमति भी दे दी है। यानी आप अंडे और ड्रेस्ड चिकन खाने के शौकीन है तो ये जानकारी आपके लिये फायदेमंद है।

इंदौर में कलेक्टर मनीष सिंह ने डोर टू डोर अण्डे एवं ड्रेस्ड चिकन लोगो तक पहुंचाने की अनुमति दे दी है। प्रशासन की अनुमति के बाद जल्द ही ऑनलाइन या फोन पर बुकिंग के आधार पर घर-घर अंडे और ड्रेस्ड चिकन पहुंचने का रास्ता खुल गया है। हालांकि इनके विक्रय के लिए किसी एजेंसी या फारमर्स को कार्यालय और आफिस खोलने की अनुमति नहीं दी गई है। फिलहाल, प्रशासन ने अंडों और ड्रेस्ड चिकन के लिए त्रिलोक पोल्ट्री, एग मोर पोल्ट्री, हाइनेस पोल्ट्री, समीर पोल्ट्री, रूबी पोल्ट्री, सिमरन किजीन प्रायवेट लिमिटेड, सिमरन फूडस प्रायवेट लिमिटेड, गोरी पोल्ट्री प्रोडक्ट को अनुमति दी है जो ऑनलाइन या फोन बुकिंग के बाद ऑर्डर पूरा कर सकेंगे।

हालांकि अंडे आपकी थाली तक पहुंचेगे जरूर लेकिन उसके लिए आपको ऑनलाइन या फ़ोन पर डिलेवरी लेने वाली कंपनियों को डिलेवरी के दौरान, सोशल डिस्टेसिंग और कोविड नियमों का पालन करना जरूरी होगा और डिलेवरी लेते वक्त ग्राहक के लिए भी ये जरूरी है कि वो सभी कोविड नियमो का पालन करे। इसके अलावा पोल्ट्री फर्म्स और फार्मर को भी नियमों का पालन करना होगा नहीं तो उन पर प्रशासन कार्रवाई भी कर सकता है। करीब 50 दिन बाद अंडों के शौकीनों के लिए ये खबर राहत भरी है क्योंकि इतने दिनों वो ये बोलना ही भूल गए थे कि सन्डे हो या मंडे रोज खाओ अंडे।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews