इंदौर के चोरल रेंज स्थित रसकुंडिया के घने जंगलों में शनिवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई, जब शासकीय कार्य करने पहुंची वन विभाग की टीम पर कुछ लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। दरअसल अतिक्रमण संभावित क्षेत्र में जल संरचना और कंटूर निर्माण का काम रोकने पहुंचे आरोपियों ने न केवल वन विभाग के अमले पर ताबड़तोड़ पथराव किया, बल्कि तलवार और फालिए जैसे धारदार हथियारों से भी हमला कर दहशत फैला दी। इस हमले में एक वनरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि सरकारी वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंचा।
दरअसल इस जानलेवा झड़प में वनरक्षक आनंद कुमार सिंह की कलाई पर तलवार का हत्था लगने से वे लहूलुहान होकर घायल हो गए। उन्हें तुरंत इलाज के लिए मध्यभारत अस्पताल ले जाना पड़ा। हमलावरों ने सरकारी वाहनों को भी नहीं बख्शा। उन्होंने जेसीबी और वन विभाग की एम्बुलेंस पर जमकर पथराव किया, जिससे दोनों वाहनों के कांच टूट गए और उन्हें भारी नुकसान पहुंचा। घटना के तुरंत बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने सिमरोल थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
तीन आरोपियों पर दर्ज किया गया मामला

सिमरोल पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वनपाल दर्शन सिंह परमार की शिकायत पर पवन पिता प्रेमसिंह भील, अनोखीलाल पिता प्रेमसिंह भील और प्रेमसिंह पिता पूनमचंद भील के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इन तीनों आरोपियों पर शासकीय कार्य में बाधा डालने, हमला करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। वनपाल दर्शन सिंह परमार ने पुलिस को बताया कि वे अपने अन्य स्टाफ के साथ जंगल में शासकीय जल संरचना और कंटूर निर्माण का काम कराने पहुंचे थे। उनके साथ विभाग का अन्य स्टाफ भी मौजूद था। इसी दौरान प्रेमसिंह अपने दोनों बेटों पवन और अनोखीलाल के साथ मौके पर आ धमका। तीनों के हाथों में तलवार और फालिया जैसे धारदार हथियार थे। उन्होंने आते ही वन विभाग के कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। जब कर्मचारियों ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने पत्थरों की बौछार कर दी और शासकीय कार्य को जबरन रुकवा दिया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
वन विभाग की एम्बुलेंस पर भी जमकर पथराव किया गया
वहीं इस दौरान हमलावरों ने मौके पर खड़ी दोनों जेसीबी मशीनों और वन विभाग की एम्बुलेंस पर भी जमकर पथराव किया, जिससे उनके कांच टूट गए और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हमले के दौरान अनोखीलाल के पास फालिया था, जबकि पवन तलवार लिए हुए था। पवन ने सीधे वनरक्षक आनंद कुमार सिंह से हाथापाई शुरू कर दी। इसी झड़प में तलवार का हत्था आनंद कुमार की कलाई पर लगा, जिससे वे लहूलुहान होकर घायल हो गए। किसी तरह वन विभाग के अन्य कर्मचारियों ने हिम्मत कर आनंद कुमार को पवन के चंगुल से छुड़वाया। तीनों हमलावरों ने मौके से भागते हुए धमकी भी दी कि यदि भविष्य में इस जगह पर कुछ भी काम करने की कोशिश की तो जान से खत्म कर देंगे। इसके बाद वन विभाग के कर्मचारी घायल आनंद को लेकर तुरंत अस्पताल रवाना हुए।
इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी हाथों में हथियार लिए हुए हैं और वन विभाग के कर्मचारियों को काम करने से रोक रहे हैं। सिमरोल पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद तीनों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।






