विकास दुबे के एनकाउंटर पर पूर्व मंत्री ने उठाये सवाल

विकास दुबे के एनकाउंटर पर पूर्व मंत्री ने उठाये सवाल

इंदौर| आकाश धोलपुरे| मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह दोनों की सोची समझी साजिश और चाल थी कि कानपुर के मोस्ट वांटेड मृतक विकास दुबे का सरेंडर उज्जैन में करवाया जाए। क्योंकि, यूपी के चुनाव के दौरान नरोत्तम मिश्रा वहां के प्रभारी थे और शिवराज सिंह चौहान वहां पर सभा लेने गए थे|

उन्होंने कहा जब विकास दुबे आगे आकर खुद सरेंडर कर रहा है तो वह पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद भागने की कोशिश क्यों करेगा ? इससे भाजपा की चाल चरित्र और मानसिकता का पता चलता है कि भाजपा किस तरह के असामाजिक तत्वों को पालती- पोसती हैं। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए कमलनाथ जी ने असामाजिक तत्व और गुंडों को खात्मा करने के लिए अभियान चलाया था लेकिन भाजपा के आने के बाद असामाजिक तत्वों को संरक्षण मिल रहा है। पुलिस ने अगर विकास दुबे का एनकाउंटर किया है तो यह ठीक है मेरा यह मानना है कि मैं मानव अधिकार की बात नहीं करता लेकिन इस तरह के लोगों का दुनिया में नहीं रहना ही ठीक है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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