इंदौर की चोइथराम मंडी में शनिवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब बाइक सवार दो बदमाशों ने एक होटल कर्मचारी को रास्ते में रोककर उससे रुपये छीन लिए और फरार हो गए। वारदात मंडी के गेट नंबर 2 और 3 के बीच हुई।
दिन के समय हुई इस घटना ने मंडी में व्यापारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि मंडी में 50 से ज्यादा सुरक्षा गार्ड तैनात होने का दावा किया जा रहा है, इसके बावजूद बदमाश वारदात के बाद आसानी से निकल गए।
चोइथराम मंडी में होटल कर्मचारी से लूट की वारदात
जानकारी के अनुसार मुकेश नाम का होटल कर्मचारी अपने एक साथी के साथ शनिवार को चोइथराम मंडी में सब्जी लेने आया था। इसी दौरान गेट नंबर 2 और 3 के बीच बाइक सवार दो बदमाश उसके पास पहुंचे।
बताया गया है कि बदमाशों ने मुकेश को रोका और उसके पास मौजूद रुपये छीन लिए। इसके बाद दोनों आरोपी बाइक से मौके से भाग निकले। घटना अचानक होने के कारण आसपास मौजूद लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला।
बाइक सवार बदमाश CCTV में कैद
लूट के बाद पुलिस के सामने बदमाशों की पहचान करना सबसे अहम काम है। इसके लिए CCTV फुटेज को जांच का मुख्य आधार बनाया जा रहा है। मंडी के गेट नंबर 2 और 3 के आसपास लगे कैमरों के अलावा पुलिस आसपास के अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग भी देख सकती है। इससे बदमाशों के मंडी में आने और वारदात के बाद भागने वाले रास्ते की जानकारी मिल सकती है।
कई मामलों में आरोपी वारदात वाली जगह के कैमरे से बचने की कोशिश करते हैं, लेकिन भागते समय रास्ते में लगे दूसरे कैमरों में उनकी बाइक या चेहरा रिकॉर्ड हो जाता है। इसलिए पुलिस के लिए मंडी के बाहर लगे कैमरे भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस दोनों बदमाशों की पहचान और उनके भागने के रास्ते की जानकारी जुटा रही है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगी।
50 से ज्यादा गार्ड तैनात
चोइथराम मंडी में लूट की इस घटना के बाद सबसे ज्यादा चर्चा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हो रही है। व्यापारियों का कहना है कि मंडी में करीब 50 से ज्यादा सुरक्षा गार्ड तैनात हैं।
इसके बावजूद बाइक सवार बदमाश दिनदहाड़े कर्मचारी से रुपये छीनकर फरार हो गए। व्यापारियों का सवाल है कि अगर इतनी संख्या में सुरक्षा गार्ड मौजूद हैं तो बदमाशों पर नजर क्यों नहीं पड़ी?
व्यापारियों का कहना है कि केवल गार्ड की संख्या बढ़ाने से सुरक्षा मजबूत नहीं होती। गार्ड की तैनाती किस जगह है, वे किस तरह निगरानी कर रहे हैं और मंडी में आने-जाने वाले वाहनों की जांच कैसे होती है, इन बातों पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
प्रवेश और निकासी वाले रास्तों पर निगरानी की मांग
व्यापारियों ने मंडी प्रबंधन से प्रवेश और निकासी वाले रास्तों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि बदमाशों के लिए मंडी में आना और वारदात के बाद बाहर निकलना आसान नहीं होना चाहिए।
गेट नंबर 2 और 3 के बीच हुई लूट के बाद अब इन रास्तों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग उठ रही है। व्यापारियों का मानना है कि CCTV कैमरों की संख्या, उनकी स्थिति और निगरानी व्यवस्था की भी जांच होनी चाहिए।
व्यापारियों में नाराजगी, अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
लूट की घटना के बाद चोइथराम मंडी के व्यापारियों में नाराजगी है। व्यापारियों का कहना है कि मंडी में आने वाले व्यापारी, कर्मचारी और दूसरे लोगों की सुरक्षा सबसे जरूरी है।
व्यापारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आलू मंडी, सब्जी मंडी और फ्रूट मंडी के व्यापारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला कर सकते हैं। इस चेतावनी से मामला सिर्फ एक लूट की घटना तक सीमित नहीं रह गया है। अब मंडी प्रबंधन के सामने व्यापारियों का भरोसा बनाए रखने की चुनौती भी है।






