रतलाम जिले के नामली में पुलिस की कार्रवाई के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब एक बिना नंबर की नई क्रेटा कार से 73 लाख 72 हजार 500 रुपये नकद बरामद हुए।
पुलिस को सूचना मिली थी कि बड़ी मात्रा में कैश लेकर एक कार रतलाम से जावरा की तरफ जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने रास्ते में वाहन को रोककर तलाशी ली। कार के अंदर एक बोरा मिला, जिसमें नोटों की गड्डियां भरी हुई थीं।
नामली में मुखबिर की सूचना पर पकड़ी गई नई क्रेटा
मामले की शुरुआत पुलिस को मिली एक सूचना से हुई। पुलिस को बताया गया था कि बड़ी मात्रा में नकदी लेकर एक कार रतलाम से जावरा की ओर जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने वाहन की तलाश शुरू की।
कुछ समय बाद पुलिस ने बिना नंबर की नई क्रेटा को रोककर उसकी जांच की। कार की तलाशी के दौरान पुलिस को एक बोरा दिखाई दिया। जब बोरे को खोला गया तो उसमें बड़ी संख्या में नोटों की गड्डियां मिलीं।
बोरे में मिलीं नोटों की गड्डियां, मशीन से हुई गिनती
नामली थाने में जब बरामद नकदी की गिनती शुरू हुई तो पुलिस को भी पूरी रकम का सही आंकड़ा निकालने के लिए मशीन की जरूरत पड़ी। देर रात नोट गिनने की मशीन मंगाई गई। मशीन की मदद से नोटों की गिनती की गई। गिनती पूरी होने के बाद कुल रकम **73 लाख 72 हजार 500 रुपये** सामने आई।
इतनी बड़ी रकम आम तौर पर किसी सामान्य व्यक्ति के रोजमर्रा के सफर में नहीं होती। यही वजह है कि पुलिस अब सबसे पहले यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी नकदी कहां से आई और इसे कहां ले जाया जा रहा था।
मिजान खान ने बताया- जमीन बेचने से मिली रकम
पूछताछ के दौरान मिजान खान ने पुलिस को बताया कि वह रतलाम से अपने गांव उमटपलिया जा रहा था। उसने बरामद रकम के बारे में दावा किया कि यह जमीन बेचने से मिली है।
यानी युवक के अनुसार, वह जमीन की बिक्री से मिली रकम लेकर अपने घर जा रहा था। हालांकि पुलिस ने इस दावे को अभी अंतिम रूप से सही नहीं माना है। अब जमीन के सौदे से जुड़े दस्तावेजों और दूसरे रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।
73.72 लाख कैश का स्रोत तलाश रही पुलिस
रतलाम में 73.72 लाख रुपये की नकदी मिलने के बाद जांच का सबसे बड़ा सवाल रकम का स्रोत है। पुलिस के लिए यह जानना जरूरी है कि इतनी बड़ी राशि वैध तरीके से हासिल की गई है या इसके पीछे कोई दूसरी आर्थिक गतिविधि है।
पुलिस यह भी देख सकती है कि जिस जमीन को बेचने की बात कही जा रही है, उसका वास्तविक मालिक कौन था और सौदा कब हुआ। इसके अलावा जमीन की कीमत और बरामद नकदी के बीच कोई संबंध है या नहीं, यह भी जांच का हिस्सा हो सकता है।
बिना नंबर की नई कार ने भी खड़े किए सवाल
इस मामले में सिर्फ 73.72 लाख रुपये की नकदी ही चर्चा में नहीं है। जिस वाहन से रकम बरामद हुई, वह नई क्रेटा कार थी और उस पर नंबर नहीं था। नई कार में इतनी बड़ी मात्रा में नकदी का मिलना पुलिस के लिए जांच का एक और महत्वपूर्ण बिंदु है। पुलिस वाहन के कागजात और उसके स्वामित्व से जुड़ी जानकारी की भी जांच कर सकती है।
कार किसके नाम पर है, इसे कब खरीदा गया, वाहन में कौन-कौन लोग सफर कर चुके हैं और युवक का कार से क्या संबंध है, जैसे सवालों के जवाब भी जांच को आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। यदि वाहन हाल ही में खरीदा गया है तो उसके खरीद रिकॉर्ड से भी पुलिस को कुछ जानकारी मिल सकती है। हालांकि इन सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
रतलाम से जावरा की ओर जा रही थी कार
पुलिस को मिली सूचना के अनुसार कार रतलाम से जावरा की ओर जा रही थी। इसी रास्ते पर पुलिस ने वाहन को रोका और तलाशी ली। पूछताछ में युवक ने बताया कि वह अपने गांव उमटपलिया जा रहा था। पुलिस अब उसके बताए रास्ते और उसके बयान की भी जांच कर सकती है।
इतनी बड़ी नकदी के साथ यात्रा करने के पीछे क्या वजह थी, यह भी जांच का अहम हिस्सा है। यदि रकम जमीन की बिक्री से मिली थी, तो पुलिस यह समझने की कोशिश करेगी कि उसे घर ले जाने की जरूरत क्यों पड़ी।
पुलिस जांच में जमीन सौदे के दस्तावेज अहम
मामले में आगे की जांच के लिए जमीन के दस्तावेज काफी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। युवक ने रकम को जमीन बेचने से जोड़कर बताया है। ऐसे में पुलिस उस जमीन और उसके सौदे से संबंधित रिकॉर्ड की जांच करेगी।






