इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान बुधवार को उस समय विवाद खड़ा हो गया जब कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल ने सदन में वंदे मातरम् बोलने से इनकार कर दिया। दरअसल उनके इस बयान के बाद भाजपा पार्षदों ने विरोध जताया और अब इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। रुबीना इकबाल का कहना है कि इस्लाम में वंदे मातरम् बोलना मना है और वे किसी की दादागीरी नहीं सुनेंगी।
दरअसल यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब नगर निगम में बजट पर चर्चा चल रही थी। वंदे मातरम् नहीं बोलने को लेकर कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल का सदन में विरोध हुआ। स्थिति बढ़ने पर इंदौर नगर निगम के सभापति ने फौजिया शेख अलीम को सदन से बाहर भी कर दिया। इसके बाद भाजपा पार्षदों ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया और कहा कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव और सभापति मुन्नालाल यादव से चर्चा के बाद इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
हमारे इस्लाम में वंदे मातरम् बोलना मना है: पार्षद रुबीना
वहीं सदन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद पार्षद रुबीना इकबाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “दादागीरी तो हम किसी के बाप की नहीं सुनते। किस लिए हम दादागीरी से किसी की बात सुनेंगे।” उन्होंने कहा कि वे जन गण मन और ‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा’ जैसे गीत गाती हैं, लेकिन वंदे मातरम् नहीं बोलेंगी। उन्होंने साफ कहा, “हमारे इस्लाम में वंदे मातरम् बोलना मना है। मना है तो मना है।”
रुबीना इकबाल ने अपने बयान के पीछे धार्मिक तर्क भी दिया। उनका कहना है कि कुरान के अनुसार एक अल्लाह के सिवाय किसी और की इबादत नहीं की जाती। उनके मुताबिक वंदे मातरम् का अर्थ मां की इबादत करना है, इसलिए वे इसे नहीं बोल सकतीं। उन्होंने कहा कि जब वे एक अल्लाह की इबादत करती हैं तो किसी और की इबादत क्यों करें।
भाजपा पर मुसलमानों को निशाना बनाने का आरोप भी लगाया
दरअसल उन्होंने भाजपा पर मुसलमानों को निशाना बनाने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि मुसलमानों की छोटी दुकानों पर कार्रवाई की जाती है और कई जगहों पर उन्हें व्यापार करने से भी रोका जाता है। रुबीना ने भाजपा की नीतियों को दोगली बताते हुए विदेश नीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि जब ईरान से तेल और गैस ली जा रही है तो फिर इस तरह की बातें क्यों की जाती हैं।
कांग्रेस पार्टी से भी नाराजगी जताई
वहीं रुबीना इकबाल ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी से भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मुसलमान केवल वोट बैंक की तरह दिखाई देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पार्टी उन्हें निकालती है तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा और वे चाहें तो दूसरी पार्टी में भी जा सकती हैं। इस पूरे मामले पर भाजपा ने कांग्रेस को घेरा है। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि वंदे मातरम् स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा गीत है और कई स्वतंत्रता सेनानी इसे गाते थे। उन्होंने कांग्रेस से स्पष्ट करने को कहा कि वह वंदे मातरम् का समर्थन करती है या उसका विरोध।
भाजपा के प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट डॉ. प्रेम व्यास ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश में दो तरह की मानसिकता के लोग हैं और वंदे मातरम् का विरोध उसी सोच से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि कई स्वतंत्रता सेनानियों ने वंदे मातरम् को देशभक्ति का प्रतीक माना था।






