Indore Coronavirus: इंदौर में फिर कोरोना विस्फोट, 153 की रिपोर्ट पॉजिटिव

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इंदौर।आकाश धोलपुरे।

पिछले कुछ दिनों से जहाँ एक और शहर में तमाम तरीके के विवाद सड़को पर आए जिसकी वजहों पर ना जाते हुए हम आपसे अनुरोध करेंगे कि घर से बाहर निकले पूरी तरह से जिम्मेदार बनकर और उस नियम का पालन करे जो आपकी सेहत व स्वास्थ्य को महफूज रख सके। दरअसल, इंदौर में शुक्रवार को कोविड के जो नए आंकड़े चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए है वो हैरान कर देने वाले है। बीते 10 दिनों में जहां आंकड़ा अभी 100 के आस पास ठहरता दिखाई दिया कभी 100 से भी अधिक आगे निकल आए गया और शुक्रवार रात को पॉजिटिव मरीजो के जो आंकड़े सामने आए है वो किसी भी नींद उड़ाने ले काफी है। मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक शहर में शुक्रवार रात को कोरोना के 153 नए पॉजिटिव मामले सामने आए है और अब इंदौर में कुल पॉजिटिव केस की संख्या बढ़कर 6709 तक जा पहुंची है जिसके विभिन्न कोविड अस्पतालों में 1803 एक्टिव केस हो चुके है याने एक तरह से शहर में एक्टिव केस बढ़ रहे है वही 1 मौत के साथ मरने वालों की संख्या 303 तक जा पहुंची है। फिलहाल, कोविड से जंग जीतकर शुक्रवार को 54 लोग घर लौटे और अब तक डिस्चार्ज होने वालों की संख्या 4603 तक जा पहुंची है।

फिलहाल, इंदौर में कोविड संक्रमण तेजी से फैल रहा जिस पर रोक लगाना प्रशासन के लिये बड़ी चुनौती है वही अब आम आदमी की जिम्मेदारी है कि वो बार बार हाथ धोये, घर से बाहर निकलने पर सेनेटाइजर के उपयोग भी करे इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर ही कोई काम करे और सबसे जरूरी है मास्क जरूर पहने ताकि कोरोना से बचा जा सके और उसके मल्टीपल फैलाव को रोका जा सके।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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